बालोद।
देश में बढ़ती महंगाई को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माता नजर आ रहा है। पूर्व जिला संयोजक आदित्य रामटेके ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज आम जनता महंगाई की मार से त्रस्त है, लेकिन सरकार ठोस समाधान देने में असफल साबित हो रही है।
आम जनता पर बढ़ता आर्थिक दबाव
प्रेस बयान जारी करते हुए आदित्य रामटेके ने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर ईंधन तक हर चीज महंगी होती जा रही है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब तबका सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
सरकार से पूछे 5 बड़े सवाल
उन्होंने केंद्र सरकार के सामने 5 महत्वपूर्ण सवाल रखते हुए जवाब मांगा—
1. क्या अमेरिका की आर्थिक नीतियों का अनुसरण करना भारत को महंगाई की ओर धकेल नहीं रहा है?
2. क्या वैश्विक युद्धों का आर्थिक बोझ सीधे आम जनता पर डालना ही सरकार की नीति बन गई है?
3. जब सस्ता तेल खरीदा जा रहा था, तब उसका लाभ बड़े उद्योगपतियों को मिला और अब महंगे तेल का बोझ आम जनता पर क्यों डाला जा रहा है?
4. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच बढ़ती महंगाई के दौरान सरकार किस प्रकार के “आत्मनिर्भर भारत” की परिकल्पना कर रही है?
5. क्या इन परिस्थितियों में देश के प्रधानमंत्री को राष्ट्र को संबोधित कर स्थिति स्पष्ट नहीं करनी चाहिए?
ठोस नीति की मांग
आदित्य रामटेके ने कहा कि सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी और पारदर्शी नीति लानी चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब जवाब चाहती है, सिर्फ आश्वासन नहीं।
जनता को राहत देना प्राथमिकता हो
अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा हालात में सरकार की प्राथमिकता आम जनता को राहत देना होना चाहिए, ताकि आर्थिक दबाव को कम किया जा सके और लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
