बालोद । बालोद शहर में छत्तीसगढ़ कोसरिया मरार पटेल समाज बालोद राज द्वारा शाकंभरी जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर इष्ट देवी की पूजा अर्चना के साथ नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए बाजे गाजे और आतिशबाजी के बीच भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई ।इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं पीला वस्त्र धारण किए हुए शामिल हुई। मुख्य समारोह मरार भवन में संपन्न हुआ।

जहां पर मुख्य अतिथि के रूप में संरक्षक पुरुषोत्तम पटेल मौजूद थे। अध्यक्षता सुनील पटेल ने की। विशेष अतिथियों में पार्षद निर्देश पटेल, उभय राम पटेल, रोहित पटेल, अशोक पटेल, भावना पटेल, चंपेश्वरी पटेल, ताराचंद पटेल, सूरज पटेल, गोपाल पटेल आदि उपस्थित थे। मुख्य अतिथि पुरुषोत्तम पटेल ने शाकंभरी जयंती की बधाई देते हुए कहा कि शाक ,सब्जी और वनस्पतियों की दात्री महा शाकंभरी के हम लोग संतान हैं ।जिसके बताए हुए मार्ग पर चलकर समाज के अंतिम व्यक्ति को जागरूक करने की जरूरत है। सुनील पटेल ने कहा कि समाज की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले बालिका शिक्षा के साथ-साथ छुआछूत और विधवा विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका निभाई है।
पार्षद ने बताया शाकंभरी जयंती का महत्व

पार्षद निर्देश पटेल ने कहा कि
शाकंभरी जयंती मां दुर्गा के शाकंभरी स्वरूप को समर्पित पर्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां शाकंभरी ने अकाल के समय धरती पर फल-फूल और अन्न उत्पन्न कर मानव जीवन की रक्षा की थी। इसलिए उन्हें अन्न, हरियाली और पोषण की देवी माना जाता है। यह जयंती पौष मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस दिन पूजा-अर्चना, अन्नदान और व्रत का विशेष महत्व होता है। शाकंभरी जयंती हमें प्रकृति संरक्षण, अन्न के सम्मान और परोपकार का संदेश देती है।
