सिविल डिफेंस के लिए प्रशिक्षित होकर बेहतर ढंग से कार्य करेंगी महिला कमांडो, पुलिस प्रशासन ने बनाई कार्य योजना, मिशन पूर्ण शक्ति पर फिर से दे रहे जोर



बालोद– जिला पुलिस प्रशासन द्वारा महिला कमांडो को सिविल डिफेंस के लिए प्रशिक्षित करके अपराधों की रोकथाम सहित सामाजिक बदलाव लाने के लिए और भी बेहतर ढंग से काम किया जाएगा। ग्राम एवं शहर स्तर की तेज तर्रार, सेवाभावी, कर्मठ, स्वच्छ छवि वाली महिलाओं को चिन्हित एवं प्रशिक्षित कर महिला कमांडो बनाया गया है। जो सन 2006 से लगातार अपनी सेवाएं देते हुए आ रहे हैं। इसी क्रम में विगत दिनों दुर्ग संभाग आईजी राम गोपाल गर्ग की प्रेरणा एवं एसपी बालोद योगेश पटेल के विशेष सहयोग से पद्मश्री शमशाद बेगम, घनश्याम दास वैष्णव, महिला कमांडो भीमेश्वरी शांडिल्य और रफीक खान सचिव सहयोगी जन कल्याण समिति के दल ने पुलिस महानिदेशक मुख्यालय रायपुर अरुण देव गौतम से मुलाकात की। इस भेंट के दौरान महिला कमांडो द्वारा किए जा रहे कार्यों को विस्तार से बताया गया। जिस पर प्रशंसा व्यक्त करते हुए पुलिस विभाग द्वारा पूर्ण सहयोग करने तथा सिविल डिफेंस की प्रशिक्षण करवाने की बात करते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया है। जिस पर तेजी से कार्य करते हुए महिला कमांडो की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक जानकारी दी जा रही है। इसमें 100-100 महिला कमांडो को प्रशिक्षित किया जाएगा। महिला कमांडों गांव में घरों का पाणिउ गली में न बहने पाए इसके लिए निकासी द्वार पर सोखता गड्ढा बनवा रही है। जिनके पास मोटरसाइकिल है उन्हे हेलमेट लगाकर, कार और बड़ी गाड़ी वाले को सीट बेल्ट बांधने तथा स्पीड ध्यान में रखने और नशा पान कर गाड़ी नहीं चलाने की हिदायत उनके घरों में जाकर दी जा रही है।

बुजुर्ग व्यक्ति को घरों तक सुरक्षित पहुंचाने, तालाबों में, बसों में उनका सहयोग करते हुए ध्यान रखने का कार्य भी कर रहीं हैं। मोबाइल का उपयोग समय-समय पर सोच समझकर करने, एवं गाड़ी चलाते हुए तो बिल्कुल नहीं करने की हिदायत दी जा रही है। एसपी योगेश पटेल द्वारा महिला कमांडो हेतु 1000 कैप में लगाने हेतु पूर्ण शक्ति का बैच और 96 नग एवरेडी का टॉर्च प्रदान किया गया है। जिस पर महिला कमांडो टीम, पद्मश्री शमशाद बेगम ने आभार व्यक्त कर धन्यवाद ज्ञापित किया है।

क्या होता है सिविल डिफेंस?

सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा) एक सरकारी व्यवस्था है जो युद्ध, प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदाओं (जैसे बाढ़, भूकंप, दंगे) के दौरान आम नागरिकों को बचाने, राहत पहुँचाने और उनका मनोबल बढ़ाने का काम करती है, जिसमें स्वयंसेवक प्रशिक्षण लेकर प्राथमिक चिकित्सा, बचाव और आपातकालीन प्रबंधन जैसे कार्य करते हैं, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा और रक्षा में मदद मिलती है। महिला कमांडो को भी अब इस व्यवस्था से जुड़कर जनकल्याण करने का मौका मिलेगा।

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