ब्रेकिंग- बालोद जिले में पैसेंजर ट्रेन हुई दो जगह पर कैटल रन ओवर का शिकार, पटरी से उतरने के डर से यात्रा करनी पड़ी रद्द



बालोद। बालोद जिले में पैसेंजर ट्रेन का कैटल रन ओवर होने के कारण यात्रा रद्द करनी पड़ी। मामला 17 दिसंबर को दोपहर 1:30 बजे का है। जब दुर्ग से पैसेंजर ट्रेन क्रमांक 78815 अंतागढ़ की ओर जा रही थी। इस बीच लाटाबोर पार होने के बाद बालोद पहुंचने के पहले एक गाय ट्रेन के आगे आ गई। जिससे पैसेंजर ट्रेन के इंजन के सामने लगा हुआ कैटल गार्ड क्षतिग्रस्त हो गया। उसी हालत में ट्रेन बालोद के बाद आगे बढ़ती रही। पर भैंसबोड़ के पास फिर एक अन्य गाय ट्रेन से टकरा गई। लगातार हुए दो हादसे से कैटल गार्ड काफी क्षतिग्रस्त हो गया और इससे ट्रेन के पटरी से उतरने का खतरा बन रहा था। जिसके कारण पैसेंजर ट्रेन के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए और उच्च अधिकारियों को सूचित कर दल्ली राजहरा में ही ट्रेन रोक दी और आगे की यात्रा फिर अधिकारियों ने रद्द की। यात्रियों को दल्ली राजहरा में उतरकर अन्य साधनों से अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। तो यही ट्रेन आगे अंतागढ़ पहुंचकर वापस अंतागढ़ से दुर्ग रायपुर को चलती है उसे भी रद्द किया गया। रेलवे के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अपने जानवरों को पटरी के आसपास बिल्कुल ना छोड़े। इससे मवेशियों की जान तो जाती है,यात्रियों को भी काफी खतरा रहता है। ट्रेन पटरी से उतर जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसलिए चालक ने अधिकारियों को सूचित कर दल्ली राजहरा रेलवे स्टेशन में ही यात्रा को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इस असुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने खेद व्यक्त किया है। इसके बाद की अन्य ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चलती रही।

रेलवे ने जारी की सूचना

रेल प्रशासन की ओर से उक्त दुर्घटना को लेकर एक सूचना जारी करते हुए यात्रियों को बताया गया कि 17 दिसंबर, 2025 को कैटल रन ओवर होने के कारण गाड़ी संख्या 78815 रायपुर – अंतागढ़ पैसेंजर को गंतव्य से पहले दल्लीराजहरा में समाप्त कर दिया गया है । इसी तरह गाड़ी संख्या 78818 अंतागढ़ – दुर्ग पैसेंजर को आज रद्द किया गया है। इस रूट की बाकी अन्य गाड़ियां अपने निर्धारित समय अनुसार चलेगी। यात्रियों को हुई सुविधा के लिए रेल प्रशासन खेद व्यक्त करता है।

क्या होता है रेलवे में कैटल रन ओवर का मतलब?

रेलवे में कैटल रन ओवर (Cattle Run Over – CRO) का मतलब है जब कोई चलती ट्रेन किसी मवेशी (गाय, भैंस, बैल आदि) से टकरा जाती है और उसे घायल कर देती है या मार देती है, जिससे ट्रेन के परिचालन में रुकावट आती है, ट्रेनों का समय प्रभावित होता है, और इंजन को नुकसान पहुँच सकता है. यह भारतीय रेलवे में एक आम समस्या है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहाँ पटरियों के किनारे मवेशी घूमते रहते हैं, और इससे रेलवे को आर्थिक नुकसान और ट्रेनों के शेड्यूल का बिगड़ना पड़ता है. कैटल रन ओवर का अर्थ ट्रेन द्वारा मवेशी को टक्कर मारना है।

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