बालोद। ऐड़्स एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज नहीं वरन जागरूकता ही बचाव का एकमात्र उपाय है। एक समय था, जब चारों ओर ऐडस के नाम से ही भय का वातावरण बन चुका था परंतु नित नई बीमारियों के आने इसकी गंभीरता को हम भूलते जा रहे हैं।विशेष रूप से नई पीढ़ी में ऐड्स की जानकारी का अभाव हो रहा है। उक्त विचार व्यक्त करते हुए 1 दिसम्बर क़ो विश्व एड्स दिवस के अवसर पर नगर के वरिष्ठ चिकित्सक एव ज़िला रेडक्रॉस समिति के चेयरमैन एवं वरिष्ठ डाक टिकट संग्राहकर्ता डॉ प्रदीप जैन द्वारा स्थानीय पोस्ट ऑफ़िस में डाक सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई गई है।

इस प्रदर्शनी में भारत के अलावा अन्य देशों जैसे नेपाल, इटली, केन्या,बांग्लादेश, अमेरिका व कनाडा द्वारा एड्स की जागरूकता हेतु जारी डाक सामग्रियां भी प्रदर्शित की गई है ।डाक विभाग द्वारा समय समय पर विभिन्न भाषाओं में जारी कॉर्ड्ज़ एवं विज्ञापनों द्वारा लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है।दूषित रक्त से एवं सुइयों के उपयोग से बचाव करना आवश्यक है ।सुरक्षित यौन संपर्क द्वारा ऐड्स की दूर रखा जा सकता है। साथ ही समाज में रक्त दान हेतु युवाओं की प्रेरित किया जाना आवश्यक है।जिससे जरुरतमंद मरीजों को उनके रिश्तेदार या मित्र गण निःसंकोच होकर रक्तदान करे । इस अवसर पर स्थानीय कॉलेज में एड्स जागरूकता पर कार्यशाला का भी आयोजन किया गया है ।

