मिड डे मिल का मलाई खुद हजम करने में लगा अध्यक्ष का पति, बच्चों के निवाले पर हो रहा भ्रष्टाचार: सांकरा ज स्कूल में चल रही मनमानी, मीनू दरकिनार



वर्षों से एक ही समूह कर रहा योजना का संचालन, गड़बड़ी और लापरवाही से हताश हुए शिक्षक भी,, समूह के नाम पर खुद के दुकान का खपाया जा रहा राशन ,बावजूद जितनी जरूरत उतना भी नहीं देते सामान

सखी महिला स्व सहायता समूह को कई बार दिया जा चुका नोटिस, फिर भी नहीं आ रहा सुधार, शाला प्रबंधन अध्यक्ष ने कहा : बाहरी आदमी का रहता है स्कूल में हस्तक्षेप, समूह के जिम्मेदार मीटिंग तक में नहीं आते

बालोद। बालोद ब्लॉक के सांकरा ज में संचालित शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला में मध्यान्ह भोजन की जिम्मेदारी उठाने वाली सखी महिला स्वयं सहायता समूह इन दिनों विवादों में है। शिक्षा विभाग के अफसरों द्वारा समूह की अध्यक्ष को कई बार नोटिस देकर चेतावनी भी दी गई है कि वह भोजन संचालन व्यवस्था में सुधार करें। तो वही प्रधान पाठक और अन्य शिक्षक भी उन्हें कई बार हिदायत दे चुके हैं कि समय पर सब्जी पहुंचाएं और पर्याप्त मीनू अनुसार सब्जी दे। लेकिन समूह के अध्यक्ष द्वारा इसमें किसी तरह की सुध नहीं लिया जा रहा है। बड़ी बात यह सामने आई कि इस मध्यान्ह भोजन को चलाने में अध्यक्ष की नहीं अध्यक्ष पति रामा देशमुख की मनमानी जारी है। जिससे दोनों ही स्कूल के प्रधान पाठक तक भी परेशान और हताश हैं। तो वही शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भी व्यवस्था सुधारने के लिए समूह के अध्यक्ष पति को कह चुके हैं। पर लगता है कि उनके कानों के नीचे जू तक नहीं रेंगती है।

पिछले महीने भी समूह के अध्यक्ष के नाम बीईओ के द्वारा नोटिस जारी किया गया था। जिसमें स्पष्ट लिखा गया है कि संकुल समन्वयक संकुल केंद्र सांकरा ज ,प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शाला के द्वारा समूह द्वारा बरती गई मध्यान्ह भोजन में लापरवाही की शिकायत की थी। जिसके आधार पर समूह को जवाब मांगा गया था। उन्हें कहा गया था कि बीईओ के समक्ष उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दे। लेकिन आज तक बीईओ के सामने समूह के अध्यक्ष न ही सचिव गए हैं। बल्कि जाते हैं तो अध्यक्ष के पति रामा देशमुख । नोटिस में लिखा गया है कि 9 सितंबर 2025 को ईंधन के अनुपलब्धता के कारण मध्यान भोजन नहीं बनाया गया। जिससे बच्चों को मध्यान्ह भोजन नहीं मिल पाया और समय पर भोजन भी नहीं मिल पाता है। इस संबंध में पूर्व में भी अनियमितता का पत्र कार्यालय को प्राप्त हुआ है। इससे साबित होता है कि अभी ही नहीं कई सालों से रामा देशमुख द्वारा अध्यक्ष पति के तौर पर वहां लापरवाही की जा रही है।

कुछ समूह वालों से हमने की थी बात, पर रामा के खौफ से कोई चलाने तैयार नहीं होते : प्रधानपाठक

मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक डीआर ठाकुर ने कहा कि मैं भी रामा देशमुख की करतूत से हताश हूं। कई बार उनके द्वारा सब्जी में कटौती की जाती है। मीनू का पालन नहीं किया जाता है। कम मात्रा में और देरी से सब्जी भेजी जाती है। मध्यान भोजन समूह का संचालन सखी महिला स्व सहायता समूह कर रही है। जिसका अध्यक्ष रामा देशमुख की पत्नी पद्मिनी रानी देशमुख है। लेकिन जब हम मीटिंग करते हैं तो आज तक उनकी पत्नी मीटिंग में आई नहीं है। उल्टा अपने पति को भेज देती है और रामा देशमुख आकर मीटिंग में विवाद करने लग जाता है। हम समूह हटाने का फैसला भी कर चुके हैं। हमने कुछ समूह से बात भी की थी लेकिन पता चला कि रामा देशमुख द्वारा उन समूह के लोगों को जाकर गाली गलौज कर या किसी तरह से डराकर उन्हें मध्यान्ह भोजन चलाने से मना कर दिया जाता है। ऐसे में फिर समूह वाले तैयार नहीं होते हैं। हम समूह की तलाश में हैं अगर कोई चलाना चाहे तो हम उन्हें जिम्मेदारी दे सकते हैं और पर मुझे पता चला है कि समूह वालों को रामा देशमुख द्वारा दबाव बनाकर उन्हें आगे आने से मना कर दिया जाता है और कोई मध्यान भोजन चलाने के लिए राजी नहीं होते हैं। शिक्षकों ने बताया कि रामा को कई बार कहा है कि मीनू के अनुसार सप्लाई करो वरना बंद कर दो। हम दूसरा समूह देख लेंगे। ऐसी चेतावनी देने पर कुछ दिन व्यवस्था ठीक चलती है फिर रामा अपने पुराने ढर्रे पर लौट आता है और बच्चों को मीनू अनुसार भोजन नहीं मिलता। कोई समूह काम लेने के लिए तैयार होता है तो उन्हें यह कहकर बहका दिया जाता है कि शिक्षा विभाग से समय पर पैसा नहीं मिलता या घाटा हो जाता है या नहीं चला पाओगे। जबकि वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं है।

बाहरी आदमी है रामा, नहीं आना चाहिए स्कूल में, अध्यक्ष, सचिव रहते हैं नदारद,भोजन में सुधार की भी जरूरत : हरि देशमुख

मामले में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरि देशमुख ने कहा कि पिछले दिनों में स्वयं निरीक्षण में गया था। पाया कि वहां मध्यान भोजन में कमी है। मैंने चखना पंजी में इस संबंध में उल्लेख करते हुए हस्ताक्षर किया है। अभी तक जो भी अध्यक्ष बने हैं उनके द्वारा इस पर कोई गौर नहीं किया गया है, यह दुख की बात है। तो वही समूह के अध्यक्ष और सचिव को स्कूल में आना चाहिए निरीक्षण करना चाहिए। पर देखने में मिला कि वहां मीटिंग हो चाहे कुछ भी हो रामा देशमुख आता है, उसी का पूरा हस्तक्षेप रहता है जबकि रामा बाहरी आदमी है, हमें उससे कोई मतलब नहीं। हमारा संबंध समूह से होना चाहिए। हम समूह से जवाब तलब करेंगे। पर जिम्मेदार समूह के पदाधिकारी हमारे सामने आते नहीं है यह रवैया ठीक नहीं है और सब्जी में कटौती और भोजन की गुणवत्ता में शिकायत देखने को मिली है। जिस पर मैंने शिक्षकों और संकुल समन्वयक को भी कहा और रामा को भी हिदायत दी गई कि इस पर तत्काल सुधार करें। अगली बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा। कोशिश की जा रही है कि अगर कोई नया समूह मिलता है तो उन्हें हम मध्यान्ह भोजन की जिम्मेदारी दे और ऐसे रामा देशमुख जो समूह की आड़ में अपने किराना दुकान का राशन खपाकर मनमानी कर रहा उससे आजादी मिले।

नोटिस और चेतावनी कई बार दे चुके, नहीं हो रहा सुधार : संकुल समन्वयक

सांकरा ज के संकुल समन्वयक बंधु राम ठाकुर ने कहा कि पहले भी जब-जब लापरवाही हुई , मध्यान भोजन स्कूल में नहीं बना है या सब्जी कम रहती है इस संबंध में हम कई बार विभाग को अवगत करा चुके हैं। इसके उपरांत विभाग द्वारा समूह को नोटिस दिया जा चुका है। पर समूह के अध्यक्ष के पति होने के नाते रामा देशमुख लगातार हस्तक्षेप करते हैं और किसी भी तरह की सुधार नहीं करते हैं। कई बार सब्जी कम पड़ जाती है तो उन्हें फोन करते हैं तब आखिरी समय में उनके द्वारा व्यवस्था की जाती है। समय पर मध्यान भोजन इसके कारण हम बनवा नहीं पाते हैं। प्राइमरी स्कूल की प्रधान पाठक नीलमती मार्कण्डेय ने कहा कि कई बार समूह के लोगों को हिदायत दी जा चुकी है। समूह के जिम्मेदार तो स्कूल में आते नहीं है। अध्यक्ष के पति रामा देशमुख को भी हमने हिदायत दिए हैं कि जो सामग्री दी जा रही है उसमें सुधार करें, पर्याप्त मात्रा में दे लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा है। इस बात से हमने विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया है। हम नए समूह की तलाश भी कर रहे हैं। बीच में व्यवस्था भी किए थे लेकिन रामा देशमुख द्वारा हस्तक्षेप कर उन्हें योजना का काम लेने नहीं दिया जाता है। इस तरह से स्पष्ट है कि प्रधान पाठक तक भी रामा देशमुख के दादागिरी से परेशान है।

घाटा सह कर चला रहे हैं हम योजना का काम, कभी भी छोड़ देंगे : पद्मनी देशमुख

वही सखी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष पद्मिनी देशमुख का कहना है कि योजना में पैसा समय पर आता नहीं फिर भी हम लोग घाटा सह कर समूह के जरिए चला रहे हैं। मेरे पति ही पूरा योजना का प्रबंधन देखते हैं। कोई अन्य समूह योजना का काम लेने के लिए तैयार नहीं होते। अगर कोई समूह लेना चाहे तो हम आज ही काम छोड़ देंगे

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