महिला कोटवार की हत्या मामले का हुआ खुलासा,एक ही नाम के दो आरोपी पकड़ाए, पढ़िए पूरा मामला…



सीसीटीवी फुटेज और संदेह के आधार पर पुलिस ने दो को पकड़ा, सामने आया सच, पहले भी चोरी सहित कई मामले दर्ज हैं दोनों के खिलाफ

बालोद। देवरी थाना के तहत आने वाले ग्राम रानीतराई रोड में बीते दिनों एक महिला कोटवार देवबती महार की हत्या घर में कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने एक ही नाम के दो आरोपी को पकड़ा है । दोनों एक ही नाम के अलग-अलग गांव के रहने वाले हैं। दरअसल में हत्या जिस गांव में हुई उसका का नाम रानीतराई रोड है। और यह गांव दो हिस्से में बटा हुआ है। एक हिस्सा बालोद जिले के देवरी थाने में आता है तो दूसरा हिस्सा राजनांदगांव जिले के सुरगी पुलिस चौकी, थाना बसंतपुर अंतर्गत आता है। गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी देवरी थाना क्षेत्र और दूसरा सुरगी क्षेत्र का है। पूछताछ में ये सामने आया कि दोनों आरोपी महिला कोटवार के घर चोरी करने के इरादे से पहुंचे थे। जब मृतिका ने विरोध किया तो दोनों आरोपी ने मिलकर उसकी गला और मुंह दबाकर हत्या कर दी। फिर घर में रखे पैसे और जेवर चुरा कर वहां से भाग गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और संदेह के आधार पर दोनो आरोपी को पकड़ा है। कड़ी पूछताछ में दोनों ने सच उगला। मामले का खुलासा गुरुवार को एसपी योगेश पटेल ने किया। आरोपियों में पहला गोलू उर्फ महेन्द्र साहू पिता मेमलाल साहू उम्र 25 साल पता रानीतराई रोड चौकी सुरगी थाना बसंतपुर जिला राजनांदगांव और दूसरा आरोपी महेन्द्र कुमार साहू पिता मेघनाथ साहू उम्र 28 साल, पता रानीतराई थाना देवरी जिला बालोद को विधिवत गिरफ्तार किया गया है। थाना देवरी में पहले भी धारा 331(4) 305 बीएनएस के प्रकरण में दोनो आरोपियो के द्वारा ग्राम नांहदा में भी एक सूने मकान में चोरी की घटना को अंजाम देकर ढाई लाख रुपए चोरी करना स्वीकार किए है। जिला राजनांदगांव वाले आरोपी महेंद्र के खिलाफ धारा 34 (1) आबकारी एक्ट थाना अर्जुन्दा जिला बालोद में दर्ज है। इसी तरह महेन्द्र जिला बालोद वाले के खिलाफ धारा 386,506,34 भादवि थाना मोहला जिला राजनांदगांव, और 2020 में धारा 36 (च) आबकारी एक्ट थाना देवरी जिला बालोद, 2021 में 294,323,506 भादवि थाना देवरी जिला बालोद के साथ 2022 में धारा 34 (1) आबकारी एक्ट थाना देवरी जिला बालोद में दर्ज है।

ये जेवर हुए दोनों आरोपियों से बरामद

8 नग चांदी के पट्टी,1 जोड़ी चांदी का एैठी,1 नग चांदी का करधन,1 नग चांदी का अंगूठी,2 नग बाजारू चुड़ी,1 नग मोटर सायकल साईन सीजी 08 जेएल 5464 जब्त और बरामद हुए हैं। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज,दुर्ग व पुलिस अधीक्षक बालोद के मार्गदर्शन में थाना देवरी अतंर्गत ग्राम रानीतराई में हुए अंधे कत्ल को सुलझाने में बालोद पुलिस को ये सफलता मिली है। हत्या के प्रकरण को सुलझाने मे सायबर सेल व देवरी थाना पुलिस की विशेष भूमिका रही।

इस तरह मिली घटना की जानकारी

6 अक्टूबर 2025 को ग्राम रानीतराई रोड में कोटवारिन देवबती महार उम्र 65 साल के घर से बदबू आने संदिग्ध अवस्था में मृत्यु होने की सूचना पर थाना देवरी स्टाफ ग्राम रानीतराई रोड मृतिका के मकान में जाकर निरीक्षण किया जो संदिग्ध प्रतीत होने पर तत्काल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण व साइबर सेल की टीम घटना स्थल हेतु रवाना हुए मौके पर पहुंचकर घटनास्थल को सुरक्षित करने पश्चात पुलिस डाॅग स्क्वाॅड एवं एफ.एस.एल. वैज्ञानिक अधिकारी और रायपुर से फिंगर प्रिंट टीम भी घटनास्थल पर पहुुंचे। सभी दलों के आने उपरांत घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया । विशेषज्ञों के राय उपरांत प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होने से थाना देवरी में मर्ग क्रमांक 40/2025 धारा 194 बीएनएसएस कायम कर प्रकरण में अपराध क्रमांक 151/2025 धारा 332,103 बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक बालोद श्री योगेश कुमार पटेल के निर्देेशन में व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद श्रीमती मोनिका ठाकुर के पर्यवेक्षण में एसडीओपी बालोद श्री देवांश सिंह राठौर के नेतृत्व में थाना देवरी व सायबर सेल की विशेष टीम गठित किया गया।

विवेचना में यह बातें आई सामने

उक्त टीम को विवेचना क्रम में ज्ञात हुआ कि मृतिका कोटवारिन देवबती महार घर में अकेले रहती थी । दिनांक 02 अक्टूबर 2025 को उसे किसी के घर से आते हुए देखा गया था। उसके बाद से वह गांव में कही आना जाना नही की । दो-तीन दिन से दिखाई नहीं देने पर पड़ोसी के द्वारा उसके घर जाने से उसके घर के मुख्य दरवाजे में बाहर से सिटकनी लगा हुआ मिला । सिटकनी में ताला लटका हुआ था अंदर से बदबू आ रही थी। पड़ोसी द्वारा उसके घर के अंदर जाने से कोटवारिन मृत अवस्था में पड़ी मिली। मृतिका के शव को चटाई से ढक दिया गया था। एसडीओपी बालोद के द्वारा थाना देवरी व सायबर सेल टीम के साथ घटना स्थल से गांव मे आने जाने वाले स्थान के सभी सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर उसका बारिकी से एनालिसिस किया गया। गांव के पंचायत भवन में कैम्प कर रात दिन पुलिस लोकल संसूचना व तकनीकी साक्ष्य के मदद से प्रकरण में 2 संदेही को चिन्हांकित कर गोलू उर्फ महेन्द्र कुमार साहू निवासी रानीतराई और महेन्द्र कुमार साहू उर्फ गोलू निवासी बडे रानीतराई को कड़ाई से पूछताछ करने पर अपराध करना स्वीकार किया।

इस तरह दिए थे चोरी और हत्या को अंजाम

दोनो आरोपी घटना दिनांक 02 अक्टूबर 2025 को चोरी करने ग्राम रानीतराई जाकर कोटवारीन के घर के दरवाजा को दो-तीन बार खटखटाए। जब कोटवारीन दरवाजा खोली तो गोलू उर्फ महेन्द्र कुमार साहू और महेन्द्र साहू ने कोटवारीन को पकड़कर कमरे में ले जा कर उसे पटक दिया व उसके मुह व गले को दबाकर कोटवारीन की हत्या कर दिये और उसके घर में अलग अलग जगह थैला में रखे नगदी रकम 24000/- रू. जिसमें 500-500 के 48 नोट थे व चावल की बोरी में रखे 08 नग चांदी के पट्टा, एक नग चांदी की करधन, एक नग चांदी की अंगूठी, कोटवारीन का पेनकार्ड एटीएम कार्ड और कोटवारीन के बाये हाथ में पहने हुए चांदी के ऐठी को व दाहिने हाथ में पहने एंठी का पेंच नहीं निकला तब महेन्द्र कुमार साहू वहीं पास में रखे लोहे के हंसिया से कोटवारीन के दाहिने हाथ की कलाई को रेत कर कलाई को काटकर अलग कर चांदी की ऐंठी निकाला। उसके बाद हंसिया को उसी कमरा के पटाव के ऊपर छिपाकर रख दिये। उसके बाद दोनो आरोपी परछी में बिछे तखत में बैठ गया और गोलू उर्फ महेन्द्र कुमार साहू कोटवारीन के शव के पास बैठकर एक-एक बीड़ी को निकाल कर पिये। आरोपियो द्वारा कोटवारीन की हत्या कर उसके घर में रखे नगदी रकम सहित चांदी के जेवर लुट कर ले गये थे ।

मामला सुलझाने में इनकी रही अहम भूमिका

बालोद पुलिस की कड़ी मेहनत से लूट व हत्या की घटना के आरोपी पकड़े गए। उक्त अंधे कत्ल की गुत्थी व चोरी के प्रकरण को सुलझाने में एसडीओपी बालोद श्री देवांश सिंह राठौर ,थाना प्रभारी देवरी निरीक्षक श्री राकेश ठाकुर ,सायबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक धरम भुआर्य , सउनि. राम प्रसाद गजभिये, सउनि. अजित महोबिया, प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेन्द्र, विवेक शाही, थलेश्वर सुधाकर, आरक्षक भोप साहू ,राहुल मनहरे, संदीप यादव, विपिन गुप्ता, आकाश दुबे, आकाश सोनी, पुरन देवांगन, योगेश पटेल, गुलझारी साहू सायबर सेल, थाना देवरी से आरक्षक सुरेश प्रीतम, चिमन सिन्हा, भूपत मानिकपुरी, दानीचंद यादव, कौशिक साहू ,अजय राणा, संतोष खुटेल, अवतार महिलांगे, दिलिप बर्मन का विशेष योगदान रहा।

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