
बालोद। अपनी मांगों को लेकर 22 वे दिन भी हड़ताल पर डटे हुए एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने सरकार को जगाने के लिए खून से पत्र लिखना शुरू कर दिया है। सोमवार को बालोद बस स्टैंड में हड़ताल में बैठे 50 कर्मचारियों ने सीरीज के माध्यम से अपने खून निकाल कर पत्र लिखे हैं। अक्सर अस्पतालों में दूसरों के ब्लड जांच के लिए खून निकालने वाले कर्मचारियों को आज सरकार से अपनी मांगे मनवाने के लिए स्वयं का खून निकालना पड़ रहा है।

9 सितंबर को कर्मचारियों ने जल सत्याग्रह करने की भी चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा नियमितीकरण/सविलियन, ग्रेड पे, लंबित 27% वेतन वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को यह खून से पत्र लिखा गया। जिसमें NHM नियमितीकरण के साथ अपनी सभी 10 मांगो को लिख कर पोस्ट किया ।

साथ ही थीम “रोटी” संघर्ष सेवा के बदले सम्मान दो, हमारी रोटी सुरक्षित करो…..सम्मान की रोटी, न्याय की रोटी और गारंटी की रोटी…………की मांग कर्मचारियों ने सरकार से की है। इसी क्रम में संघ ने 9 सितंबर को जल सत्याग्रह का निर्णय लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक शासन द्वारा लिखित आदेश में मांग पूरी नहीं की जाएगी तब तक हड़ताल जारी रहेगा। हड़ताल में जिला अध्यक्ष श्री खिलेश साहू, उपाध्यक्ष प्रेम , संरक्षक दिनेश खर्कवाल, मीडिया प्रभारी चंदन गिरी सदस्य , सुनील साहू,लोकेश,रजनी, डॉ पुष्पकांत नागवंशी,डॉ इंद्र चंद्राकर ,झरना, दिनेश्वरी ,रोहित शर्मा, राजू, नीतू, रितेश,सुभाष, प्रेम, सरिता,पद्मिनी,मुकेश,रामेश्वरी, सहित सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
