इंजन में शॉर्ट सर्किट से लगी कार में आग, समय रहते सवार लोगों ने बचाई जान, रात 10 बजे तक पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड टीम ने पाया आग पर काबू



देखिए घटना की वीडियो…

बालोद। बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कोटगांव के पास शनिवार की शाम 7:30 से 8 बजे के बीच एक टाटा सफारी कार में अचानक आग लग गई। कार चालक सहित सवार 6 लोगों ने तुरंत बाहर निकाल कर अपनी जान बचाई। देखते-देखते आधे घंटे के भीतर पूरे कार को आग की लपटों ने घेर लिया। घटना की सूचना लोगों ने थाना प्रभारी जोगिंदर साहू को दी। इसके बाद मौके पर अर्जुंदा पुलिस टीम पहुंची और आग की भयावहता को देखते हुए फायर ब्रिगेड टीम को भी बुलाया गया। अर्जुंदा पुलिस से ए एस आई विश्राम साहू, कोमलाल, पंकज तारम, दमन वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, हेमेंद यादव सहित फायर ब्रिगेड की टीम रात करीब 10 बजे तक आग पर काबू पाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे रहे।

आग लगने का कारण इंजन में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार उक्त कार सिकोसा के रहने वाले एक चंद्रिका देवांगन का बताया जा रहा है। उनकी बेटी, दामाद सहित अन्य रिश्तेदार रक्षाबंधन पर गांव आए थे और घूमने फिरने और कुछ खरीदारी के लिए अर्जुंदा गए थे। अर्जुंदा से वापसी में सिकोसा रोड पर कोटगांव में यह घटना हो गई। गनीमत कार सवार लोगों को कुछ नहीं हुआ।

क्यों होती है शॉर्ट सर्किट

गाड़ियों के इंजन में शॉर्ट सर्किट कई कारणों से हो सकता है, जो अक्सर वायरिंग या इलेक्ट्रिकल सिस्टम से संबंधित होते हैं। यहां कुछ प्रमुख कारण दिए गए हैं:

  • खराब या पुरानी वायरिंग: समय के साथ, गाड़ियों की वायरिंग पुरानी हो जाती है, जिससे उसका इंसुलेशन (सुरक्षात्मक परत) खराब हो सकता है। इंजन की गर्मी, कंपन और घर्षण के कारण तार आपस में रगड़ खा सकते हैं, जिससे तार की अंदरूनी धातु आपस में मिल जाती है और शॉर्ट सर्किट हो जाता है।
  • गलत तरीके से फिटिंग: अगर गाड़ी में किसी भी इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट को गलत तरीके से फिट किया जाता है या वायरिंग सही जगह पर नहीं लगाई जाती है, तो यह शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकता है। कई बार, गैर-पेशेवर मैकेनिकों द्वारा किए गए काम से भी यह समस्या उत्पन्न होती है।
  • नमी और पानी: अगर नमी या पानी इंजन के कंपार्टमेंट में घुस जाए और तारों या इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स तक पहुंच जाए, तो यह शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकता है। खासकर, बाढ़ वाले इलाकों में गाड़ी चलाने या गाड़ी को ठीक से सूखाए बिना धोने पर यह खतरा बढ़ जाता है।
  • क्षतिग्रस्त इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट: अगर गाड़ी का कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या सेंसर टूट जाता है या उसमें पानी भर जाता है, तो इससे भी शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
  • चूहों का काटना: कई बार चूहे और अन्य छोटे जानवर गाड़ी के अंदर घुसकर तारों को काट देते हैं, जिससे तारें उजागर हो जाती हैं और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।
  • ओवरहीटिंग: जब इंजन बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, तो इसकी गर्मी से वायरिंग का प्लास्टिक पिघल सकता है, जिससे तारें आपस में मिल सकती हैं और शॉर्ट सर्किट हो सकता है।

शॉर्ट सर्किट एक गंभीर समस्या है, क्योंकि इससे गाड़ी में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपको गाड़ी में कोई असामान्य गंध, धुआं, या इलेक्ट्रिकल से संबंधित कोई समस्या महसूस हो, तो तुरंत किसी पेशेवर मैकेनिक से इसकी जांच करवानी चाहिए।

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