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पेटेचुआ में पर्यावरण का हुआ सत्यानाश: ग्रामीण दयालू राम ने कटवा दिए दिलेरी से 400 से ज्यादा पेड़, अधिकारियों ने की जब्ती, सही जांच हुई तो आरोपी जा सकते हैं जेल, ग्रामीणों में जमकर आक्रोश

गुरुर। गुरुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बड़भूम के आश्रित ग्राम पेटेचुआ में कुछ लोगों द्वारा पर्यावरण को जमकर नुकसान पहुंचाया गया है। अपने जमीन के आसपास सरकारी जमीन जो की वन और राजस्व दोनों क्षेत्र में आते हैं उन पर अवैध कब्जा करते हुए वहां लगे बड़े झाड़ को बेदर्दी से कटवाए गए है। इस बात की जानकारी दो-तीन दिन बाद जब ग्रामीणों को लगी तो राजस्व विभाग और वन विभाग को सूचित किया गया। तत्काल राजस्व विभाग से अतिरिक्त तहसीलदार देवेंद्र नेताम मौके पर पहुंचे और सभी लड़कियों की जब्ती कराई गई। उन्होंने भी हैरानी जताई कि जलाऊ लकड़ी काटते हैं तो समझ में आता लेकिन 400 से ज्यादा बल्ली ग्रामीणों द्वारा काट दी गई है। इस मामले में प्रमुख आरोपित दयालु राम सिन्हा को नोटिस दिया गया है। साथ ही लकड़ी काटने वाले दो लोगों को भी नोटिस दिया गया है। 9 दिसंबर को उनकी पेशी है। उन्होंने कहा कि भले ही जमीन राजस्व अंतर्गत है लेकिन जो पेड़ काटे गए हैं वह बड़े झाड़ है इस कारण वह वन विभाग के अंतर्गत भी आता है। मैंने वन विभाग के एसडीओ को मामले की पूरी जानकारी दे दी है और पेशी उपरांत संबंधित लोगों का बयान लेकर प्रमाण के साथ प्रतिवेदन भेजूंगा। ताकि इस मामले में वन विभाग के तहत बड़ी कार्रवाई हो और समाज में भी यह संदेश जाए कि इस तरह पर्यावरण को खुलेआम नुकसान नहीं पहुंचा सकते हैं। अन्यथा फिर लोग इसी तरह पर्यावरण को उजाड़ते रहेंगे। इस मामले में अगर सही तरीके से जांच और कार्रवाई होती है तो संबंधित लोग जेल तक जा सकते हैं। वरना राजस्व विभाग के तहत कार्रवाई होगी तो जुर्माना लेकर छोड़ना पड़ जाता है। इधर ग्रामीणों में जमकर आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है की चोरी छिपे तरीके से अपनी जमीन के आसपास लगे सरकारी जमीन को दयालु राम द्वारा मजदूर लगाकर कटवा दिया गया है। इसको लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की है। बताया जाता है कि जंगल के बीच गुपचुप तरीके से कटाई चल रही थी। लेकिन किसी पशु चरवाहे द्वारा जब जंगल की ओर जाया गया तो बड़ी संख्या में पेड़ों को धराशाई देखा गया। फिर उनके द्वारा गांव जाकर जानकारी दी गई। तब इस मामले का खुलासा हुआ। वरना किसी को पता नहीं चलता तो सारे पेड़ एक-एक करके कट जाते। अभी भी 400 से ज्यादा पेड़ यहां काट दिए गए हैं। जिनकी जब्ती राजस्व विभाग ने की है । तो वही मुख्य आरोपित दयालु राम द्वारा इस मामले में गोलमोल जवाब दिया जा रहा है। दयालु राम सिन्हा का कहना है कि वह अपनी जमीन से ही पेड़ कटवा रहा था । जमीन को घेरा करने के लिए वह बल्ली लगाने के लिए पेड़ काटा है। कहने पर वह ऐसा करवा रहा है इस बारे में वह खुलकर नहीं बता रहा है और मामले को गोल-मोल जवाब देकर केस को दबाने की कोशिश की जा रही है।

वही इधर ग्रामीण सुखदुराम टेकाम, नरेंद्र बघेल, भगवान सिंह मंडावी ,शंभू राम , चतुर सिंह ,नागेश सलाम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दो अलग-अलग जगह पर अतिक्रमण किया जा रहा है। एक जमीन आदिवासी व्यक्ति के नाम पर मात्र 84 डिसमिल जमीन है लेकिन इस जमीन पर डेढ़ एकड़ से ज्यादा जमीन को अधिग्रहण किया गया है तथा उक्त जमीन में लगे हरे भरे जंगली पेड़ों को उखाड़ फेंक दिया गया है। जो प्रशासन की नियमों के खिलाफ है। वही दूसरा जमीन सामान्य वर्ग का है जिसका कुल लगभग एक एकड़ 27 डिसमिल है। लेकिन उनके द्वारा लगभग 5 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर अवैध कब्जा किया जा रहा है और अवैध तरीके से सैकड़ो जंगली पेड़ों को काटकर मैदान बना दिया गया है। जिसकी शिकायत राजस्व विभाग में की गई है। जिस पर विभाग द्वारा जांच कर लकड़ी को जप्त कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। वहीं अतिरिक्त तहसीलदार ने मामले में संबंधित दयालु राम सिन्हा व अन्य दो लोगों को नोटिस जारी किया है।

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