कबीर स्मृति महोत्सव के साथ संपन्न हुआ दिव्य बाल संस्कार शिविर



बालोद/गुरुर। 2 जून से कबीर आश्रम करहीभदर में चल रहे दिव्य बाल संस्कार शिविर 6 जून को 626 वीं कबीर स्मृति महोत्सव के साथ संपन्न हुआ।

इस शिविर में लगभग 140 बालक- बालिकाओं ने भाग लिया। प्रातः 4:30 बजे जागरण, 5:30 योगासन, प्राणायाम, व्यायाम संत श्री जितेंद्र साहेब द्वारा कराया जाता था । उसके पश्चात आश्रम के संत शिविर के प्रधानाचार्य संत श्री देवेंद्र साहेब द्वारा 7 से 8 बजे तक ध्यान, महापुरुषों की जीवनी प्रेरक अनेक विषयों पर चर्चा की जाती थी। 8 बजे स्वल्पाहार तत्पश्चात 10 बजे से 12 बजे तक पहेलियां एवं विभिन्न विषयों की शिक्षा दी जाती थी। 12 बजे भोजन, विश्राम तीसरा सत्र 3 बजे से 5 के बीच आये हुए अतिथियों के द्वारा बालशिक्षा, आशीर्वाद एवं मनोरंजन कराया जाता था। 5 कबीर साहेब की संध्या आरती होती थी। 5:30 से 6.30 बजे तक खेलकूद का कार्यक्रम होता था। उसके बाद 7 बजे भोजन होता था। अंतिम सत्र रात्रि 8 से 9:30 बजे तक संध्या वंदन, बीजक पाठ, भजन, प्रवचन आदि का कार्यक्रम हुआ।
इस शिविर में विभिन्न जगहों से क्षेत्रीय संत ,भक्त समाज पधारे थे। 6 जून को सुबह 7 बजे प्रभात फेरी शोभायात्रा कबीर आश्रम से निकली। ग्राम करहीभदर एवं कन्नेवाडा का भ्रमण किया गया। लगभग 10 बजे से सत्संग एवं बाल शिविर का अंतिम सत्र दीपक प्रज्वलित कर प्रारंभ हुआ। सर्वप्रथम बीजक पाठ एवं कबीर भजन हुआ। कुमारी शशि साहू , साध्वी श्वेता, ब्रह्मचारी मीतेश आदि ने भजन गाये।आश्रम के संत एवं शिविर संचालक संत दिनेंद्र साहेब ने संचालन करते हुए कहा कि बड़ी खुशी की बात है, यह द्वितीय वर्ष बाल संस्कार शिविर का कार्यक्रम बहुत ही अच्छे ढंग से संपन्न हुआ। आगामी वर्ष इसको और अच्छे से करने का हम सब प्रयास करेंगे। कुछ बालक- बालिकाओं ने अपना – अपना अनुभव बताए एवं पालक गण भी अपने विचार व्यक्त किये। अपने जीवन के अनुभव को साझा करते हुए साध्वी श्रद्धा साहब ने कहा, मैं भी प्रारंभ में कबीर सिद्धांत से अपरिचित थी। कबीर विचार सुनी तो मेरे जीवन में बहुत परिवर्तन आया और मैं साधना पथ में चलने के लिए अग्रसर हुई और आज संत गुरु की कृपा से मैं यहां तक पहुंच पाई हूं इसलिए आप सभी संत गुरुजनों से जुड़े, कबीर विचारों से जुड़े। यही हमें सही दिशा में ले जा सकते हैं। संत श्री कोमल साहेब ने कहा छोटे-छोटे बच्चों ने चार-पांच दिनों में ही बहुत कुछ सीखा और अच्छे ढंग से शिविर में भाग लेकर परीक्षा भी दिलाई जो प्रशंसनीय है। मैं चाहता हूं ऐसे ही भविष्य में शिविर चलता रहे और हम सब कबीर साहेब जी के विचारों को आत्मसात कर जीवन को परम ऊंचाई में ले जाएं। सुंदरा , नांदगांव कबीर आश्रम से पधारे योगाचार्य संत श्री जितेंद्र साहेब ने कहा, मुझे बड़ी खुशी है कि सभी बच्चे सुबह स्नान कर योग, प्रणायाम में उपस्थित हो जाते थे और बहुत अच्छे ढंग से योगासन करते थे।शिविर के प्रधानाचार्य संत श्री देवेंद्र साहब ने कहा, ध्यान से मन एकाग्र होता है ,पढ़ने लिखने में मन लगता है शरीर स्वस्थ होता है इसलिए हम सबको ध्यान एवं महापुरुषों का अनुकरण करना चाहिए।छात्र-छात्राओं की परीक्षा दो तरह की हुई। जो प्रथम प्रश्न पत्र पहली से पांचवी एवं द्वितीय प्रश्न पत्र छठवीं से दसवीं तक थी। शिविर में आए हुए बच्चों को प्रोत्साहित भी किया गया।परीक्षा, रंगोली, ड्राइंग एवं विभिन्न खेलों में प्रथम आये हुए मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र,मेडल, कंपास बॉक्स ,कॉपी, पेन आदि से संत श्री कृपा शरण साहेब के हाथों सम्मानित एवं पुरष्कृत किया गया। साथ ही मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। ग्राम लाटाबोड से कक्षा दसवीं के प्रवीण सूची में आई हुई कुमारी डाली का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कबीर पारख संस्थान प्रयागराज के अध्यक्ष श्रद्धेय संत कृपाशरण साहेब ने कहा, आज सदगुरु कबीर साहेब जी के विचार बहुत ही प्रासंगिक हैं ,सद्गुरु कबीर साहेब ने प्रेम, समता एवं एकता का संदेश दिया एवं समाज में व्याप्त कुरीतियों, पाखंड, भ्रम अंधविश्वास, चमत्कार को दूर करने का प्रयास किया। अंत में आश्रम के व्यवस्थापक संत सुशांत साहेब ने सभी का आभार करते हुए कहा आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद आप सभी को संतों पर श्रद्धा, भक्ति एवं विश्वास और समर्पण भावना है तभी अपने बच्चों को हम लोगों के पास भेजें और सहयोग दिये। संतो ,भक्तों एवं सभी दानदाताओं का मैं आभारी हूं। कार्यक्रम के अंत में संतों की भेंट पूजा आरती हुई ।भोजन प्रसाद के साथ यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।

बच्चों ने देखा शक्कर कारखाना

शिविर के दौरान सभी बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए करकाभाट बालोद के शक्कर कारखाना ले गए । जहां एम.डी. ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए बुराइयों से दूर रहने का संकल्प कराया और अपने विद्यार्थी जीवन की घटनाओं का उल्लेख किया । संस्कार शिविर के प्राधानाचार्य ने बच्चों का रिजल्ट सुनाएं तथा प्रथम आने वाले बच्चों को मुख्य अतिथि संत श्री कृपाशरण साहेब के हाथों से मेडल पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र दिलाया। कक्षा 6 से 10 तक में विद्यार्थियों में सबसे ज्यादा अंक लाने वाले डेमन साहू 92 % 1.प्रियांश साहू 90% 2 कुमारी श्रद्धा साहू 86% 3.,कक्षा 1 से 5 तक विद्यार्थियों में अधिक अंक प्राप्त किए कुमारी जाह्नवी योगेश साहू पाररास,98% पांचवी धनंजय डोमेन कुमार पेवरों 96 %चौथी ट्विंकल भारती साहू करहीभदर 96 %पांचवी , सभी उच्च अंक लाने वाले को मेडल एवं कंपास बॉक्स कॉपी दिया गया।

खेलकूद प्रतियोगिता एवं अन्य गतिविधि भी हुई , यह रहा परिणाम

खेलकूद एवं अन्य गतिविधि के प्रथम प्राप्त स्थान प्राप्त करने वाले कबड्डी बालिका- रानी लक्ष्मीबाई ग्रुप मेडल एवं सभी को पेन, कबड्डी बालक, स्टार ग्रुप, मेडल पेन, कुर्सी दौड़ में प्रथम कुमारी नूरानी वीर नारायण- मेडल, कापी, रस्सी कूद में- कुमारी रितिका /सुमन लाल -,मेडल कॉपी, रंगोली- कुमारी जी/ चुरामन साहू, मेडल कॉपी, पेंटिंग में कुमारी डेजी, मेडल कॉपी, गोली चम्मच में कुमारी चार्ली /चुरामन साहू ,कलर पेन, बेस्ट स्टूडेंट- कुमारी दीक्षिका कलर पेन।l, दौड़ बालक आयुष /कामूल मेडल कंपास। दौड़ बालिका प्रियांशी /भूपेंद्र पेवरो ,मेडल कंपास गुब्बारा प्रतियोगिता- उन्नति साहू /कमल किशोर कलर पेन। टिटंगी दौड़- बालक रियांश एवं कृष्ण कंपल बॉक्स बालिका राशि एवं नेहा चुरामन साहू कंपास‌ जलेबी दौड़- हेमंत एवं किंजल /सोहनलाल-कलर पेन। रस्सी खींच- सभी नौ बच्चों को कॉपियां दी गई। आश्रम व्यवस्थापक संत श्री सुशांत साहब ने सबका आभार किया । पुरस्कार वितरण पश्चात ब्लैक बोर्ड में सभी बच्चों का परिणाम पत्र चस्पा दिया गया। साथ-साथ ड्राइंग में फर्स्ट, सेकंड, थर्ड वाली पेंटिंग भी चस्पा दिया गया। गुरु पूजा आरती कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

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