बालोद। किरण कुमार जांगड़े, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी राहुल कुमार मौर्य उम्र 21 वर्ष निवासी अवारी केंवट पारा, थाना डौण्डी, जिला बालोद को भा.द.वि. की धारा 363 के आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड, व लैंगिक अपराध की धारा 4 (2) के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। व्यतिक्रम पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।0प्रकरण का संक्षिप्त विवरण सी.एल. साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार 08 नवंबर.2022 को पीड़िता की माता थाना डौण्डी में उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 07 नवम्बर.2022 को शाम करीबन 4 बजे खेत से आने के बाद उसकी नाबालिग लड़की / पीड़िता बतायी कि 05 नवंबर 2022 शनिवार को दोपहर 2:00 बजे के समय गली में कुसुम पेड़ के पास खेल रही थी उसी समय आरोपी राहुल मौर्य उसकी नाबालिग पुत्री पीड़िता को फटाका दूंगा कहकर अपने साथ अपने घर अंदर कमरा में ले गया और पीड़िता के साथ गंदी हरकत करने लगा। उसके बाद पीड़िता को फटाका देकर घर जाने को कहा तथा किसी को बताने से मना किया। पीड़िता अपने कपड़े को पहनकर घर गयी। घटना के बारे में पीड़िता ने अपनी माता व अपनी चाची को बतायी । प्रार्थिया द्वारा पीड़िता से कहने पर कि घटना के बारे में पहले क्यों नहीं बतायी तब वह पीड़िता ने डर के कारण नहीं बताना बतायी। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना डौण्डी में अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में 14 दिसंबर.2022 को प्रस्तुत किया गया। पीड़िता प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक कैलाशचंद्र मरई तथा सहायक उप निरीक्षक सीता गोस्वामी के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
7 साल की बच्ची से हैवानियत, फटाका देने के बहाने ले गया था घर, आरोपी को मिला 20 वर्ष का सश्रम कारावास
