बालोद/गुण्डरदेही। अंगना म शिक्षा एक ऐसा कार्यक्रम है, जो की महिला शिक्षिका के पहल पर एक नवाचार है ।

जिसका मुख्य उद्देश्य माताओं की मदद से घरेलू सामग्रियों द्वारा बच्चों में भाषा , गणित और अभिव्यक्ति कौशल विकास के लिए है। समग्र शिक्षा के मुहिम के आधार पर अंगना म शिक्षा छत्तीसगढ़ में लागू किया गया है। जिसमें घर में माता अपने घरेलू कार्य को करते हुए घर पर रहकर अपने बच्चों को बुनियादी शिक्षा ,

भाषा,गणित की कौशल एवं अभिव्यक्ति कौशल के विकास में सहायता प्रदान कर रहे हैं। ये अभियान विगत वर्ष से जारी है। अभियान का चौथा चरण भी शुरू हो चुका है।

जिसके तहत DMC अनुराग त्रिवेदी APC जी आर खुरश्याम जिला समग्र शिक्षा के निर्देशानुसार और मार्गदर्शन में बालोद जिले के प्रत्येक स्कूलों में महिला शिक्षकों को प्रभारी बनाकर अंगना म शिक्षा अभियान को घर-घर तक पहुंचाने की महिम शुरू की जा रही है। बालोद जिले में इसके लिए वरिष्ठ जिला नोडल पुष्पा चौधरी और जिला नोडल के रूप में प्रतिभा त्रिपाठी को जिम्मेदारी दी गई है। इस बार बालोद जिले में अंगना म शिक्षा अभियान को खास बनाते हुए सभी महिला शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड तय किया गया।

बालोद जिले में नीला आसमानी रंग ड्रेस कोड बनाया गया है। इस अभियान का बेहतर प्रतिसाद देखने को मिला है जिसके कारण इसे स्कॉच अवार्ड तक मिल चुका। ग्रीष्मकाल अवकाश हो या रोजमर्रा के दिन बच्चों को घर पर माताएं घरेलू चीजों से शिक्षा दे रही हैं। उन माता को शिक्षकों द्वारा स्कूल में प्रशिक्षण दिया जाता है। अभियान के चौथे चरण के तहत गुण्डरदेही ब्लॉक से महिला शिक्षकों को प्रशिक्षण का सिलसिला शुरू हो चुका है। ये महिला शिक्षक अपने-अपने स्कूल क्षेत्र की बच्चों के माताओं को प्रशिक्षित करेंगे।
76 महिला शिक्षकों को दी गई ट्रेनिंग
जिला नोडल पुष्पा चौधरी ने बताया इस कार्यक्रम में माता के सहयोग से ही गुणवत्ता का विकास किया जा सकेगा। कोरोना काल को मद्देनजर रखते हुए हम सभी ने देखा है ,कि बच्चों की आज गुणवत्ता एवं कक्षा के अनुरूप दक्षता का विकास थम सा गया है। इसी बात को ध्यान रखते हुए अंगना म शिक्षा एक मुहिम लागू किया गया। जिसमें महिला शिक्षकों के द्वारा नई पहल के रूप में साबित हुआ।
इसी क्रम में गुंडरदेही ब्लॉक में आने वाले समस्त प्राथमिक शालाओं के 76 शिक्षिकाओं ने बीआरसीसी भवन में एक साथ प्रशिक्षण लिया । सभी को जनवरी-फरवरी ,मार्च गतिविधि के आधार पर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का शुभारंभ मां शारदे की प्रतिमा एवं राजगीत से प्रारंभ किया गया । विकास खंड शिक्षा अधिकारी नवीन यादव एवं एबीईओ श्रद्धा ठाकुर एवं प्रथम फाउंडेशन से आए हुए अधिकारी ताम्रध्वज साहू के मार्गदर्शन के साथ ये प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ । इस प्रशिक्षण में माह जनवरी एवं फरवरी मार्च की गतिविधियों के आधार पर बच्चों में गणितीय कौशल के विकास के लिए सभी शिक्षकों को इस गतिविधि में शामिल किया गया। बताया गया कि हम अपनी शाला के बच्चों में किस प्रकार से बुनियादी शिक्षा लाकर उनके गुणवत्ता को बढ़ा सकते हैं। खेल-खेल में गतिविधि के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत एफएलएन को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण दिया गया। अपार सफलता प्राप्त कर अब जिसे अंगना में शिक्षा 4.0 का नाम दिया गया है और इसकी सफलता ने स्कॉच अवॉर्ड प्राप्त किए हैं। इस पहल को दूसरे राज्यों ने भी लागू किया जा रहा है।
तीन साल से संभाली है कमान
प्रशिक्षण के जिला नोडल पुष्पा चौधरी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मटिया के हैं। जो बालोद जिला में पिछले तीन वर्षो से इस कार्यक्रम में अपनी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ निर्वहन कर रही हैं। अब उनके साथ देने के लिए जिला नोडल प्रतिभा त्रिपाठी माध्यमिक शाला गोड़ेला भी काम कर रहीं।दोनो ने मिलकर इस प्रशिक्षण को सफल बनाया। प्रशिक्षण के दौरान महिला शिक्षकों को कुर्सी दौड़, गोटा खेल, रिंग फसाओ आदि गतिविधि कराई गई। राष्ट्रगान के साथ प्रशिक्षण का समापन किया गया।
