बालोद। बजरंग दल बालोद जिला संयोजक उमेश कुमार सेन ने नगर वासी, जिला वासी और सभी देशवासी को बधाई देते हुए कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में श्री राम लला जी का प्राण प्रतिष्ठा होने जा रहा है। 22 जनवरी सभी सनातनी हिंदुओं के लिए एक खास दिन बन जाएगा।

इतिहास में 22 जनवरी का दिन और नाम दर्ज हो जाएगा।
22 जनवरी के दिन पूरे भारत वर्ष में दिवाली मनाई जाएगी। खूब आतिशबाजी और सभी छोटे-बड़े मंदिरों में सुबह से शाम तक विशेष पूजा पाठ भंडारा प्रसाद वितरण किया जाएगा। बालोद नगर में भी 22 जनवरी को सभी छोटे-बड़े मंदिरों में पूजा अर्चना की जाएगी। सभी मंदिरों को जागृत रूप में रखा जाएगा और बालोद जिला के सभी मंदिरों में भंडारा व प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। उमेश कुमार सेन बजरंग दल बालोद जिला संयोजक ने सभी नगर वासियों और जिला वासियों से अपील किया है की 22 जनवरी को शाम 6:00 बजे अपने अपने घरों में 11,11 दिए जरूर जलाएं।
प्राण प्रतिष्ठा का मतलब क्या होता है?
उमेश सेन ने कहा भारतीय धर्मों में, जब किसी मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा की जाती है तब मंत्र द्वारा उस देवी या देवता का आवाहन किया जाता है कि वे उस मूर्ति में प्रतिष्ठित (विराजमान) हों। इसी समय पहली बार मूर्ति की आँखें खोली जाती हैं। मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा में महत्व मूर्ति की शिल्पगत सुंदरता का नहीं होता।
विशेष अपील आप सभी अपने-अपने आसपास के छोटे-बड़े सभी मंदिरों का करें पंजीयन इस लिंक पर जाकर
सभी कार्यकर्ताओं से व मंदिरों के ट्रस्टी, समिति, महंत, पदाधिकारियों, पुजारियों से विनम्र निवेदन की गई है कि
इस लिंक पर क्लिक करके जहाँ भी श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है – उनको रजिस्टर करे। मंदिर में खड़े होकर (मंदिर के बाहर से) फोटो खिचना है – जिससे मंदिर की जिओ लोकेशन और लाइव फोटो हमारे पास आ जाएगा। मंदिर को हमारे संगठन के काम का हिस्सा बनाना है। ये डेटा बेस आने वाले समय के लिए मंदिर आधारित व्यवस्था चलाने में सहयोगी रहेगी। 15 जनवरी तक मंदिर का रजिस्ट्रेशन करना है।सभी ज़िले , खण्ड , मण्डल , ग्राम , बस्ती में मंदिर रजिस्ट्रेशन हेतु ऑनलाइन बैठक करना है ।
सभी फ़ील्ड भरना अनिवार्य है।
https://vhpcg.org/ ये मंदिर रजिस्ट्रेशन हेतु लिंक है
जिस पर क्लिक करें।
हमें 22 जनवरी को क्या करना है?
घर को सजाना है.
भगवा ध्वज लगाना है.
दीपक जलाना है.
नए कपड़े पहनकर मंदिर जाना है.
फटाके फोड़ना है.
राम दीप प्रज्ज्वलित करना है.
रंगोली बनाना है.
आपके जीवन में दो बार दिवाली मनाने का मौका 500 साल के इंतजार के बाद आया है.।
