कीड़ों में भी होती है ललक, आकर उनकी उंगली पर बैठ जाते हैं
बालोद। आपने अलग-अलग शौकीन लोगों के बारे में सुना होगा। लोगों के अपने अपने शौक होते हैं। पर आपने ऐसा नहीं सुना होगा कि किसी को कीड़ों से दोस्ती का शौक हो और वह भी दिखने में खतरनाक और अजीब लगने वाले कीड़ों का। आज हम एक ऐसे युवक के बारे में बात करेंगे जिन्हें कीड़ों से प्यार है। 2 साल से वे कीड़ों की ही फोटोग्राफी कर रहे हैं। उनके मोबाइल गैलरी में सैकड़ो कीड़ों के फोटो और वीडियो भरे पड़े हैं। जिन्हें अपने इंस्टाग्राम आईडी पर शेयर करते रहते हैं। लोग जहां छोटा सा भी कीड़ा देखकर डर जाते हैं या घृणा महसूस करते हैं। लेकिन इस शख्स के हाथों पर कीड़े ऐसे खेलते हैं मानो कोई अपना हो। किस्सा है ग्राम जगन्नाथपुर के रहने वाले टिकेश कुमार साहू की। जो वैसे तो पेशे से एक प्लंबर है और बालोद में काम करते हैं। साथ ही में एग्रीकल्चर के स्टूडेंट भी रह चुके हैं। कृषि संकाय में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने कीड़ों के जीवन के बारे में करीब से जाना और इसीलिए वे कीड़ों के संरक्षण की प्रेरणा देते हुए पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन को बढ़ावा देने के लिए कीड़ों पर फोटोग्राफी करते हैं। लोग जहां सुंदर चीजों की ओर आकर्षित होकर उनकी फोटोग्राफी करते हैं तो दूसरी ओर टिकेश कुमार साहू का शौक कीड़ों को लेकर है। 24 वर्षीय इस युवक का यह अजीबोगरीब शौक उसे इंस्टाग्राम में एक अलग पहचान दिला रहा है। देश-विदेश से जुड़े लोग उनके तस्वीरों को लाइक और शेयर करते हैं। टिकेश का कहना है कि कीड़े मकोड़े भी हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। इनकी वजह से पारिस्थितिक संतुलन बना रहता है। लेकिन आज कल कीटनाशक दवाइयों के अधिक उपयोग के चलते कीड़ों की मौत हो रही है। जिससे पर्यावरण असंतुलन भी बढ़ रहा है इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वे कृषि संकाय के छात्र होने के कारण लोगों को कीड़ों से लगाव रखने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्हें कीड़ों के बारे में विशेष नाम तो जानकारी नहीं होती लेकिन कई प्रकार के कीड़े जब वह फोटोग्राफी करते रहते हैं तो उनके उंगलियों पर ऐसे आकर बैठते हैं मानो कि उनकी हथेली उन कीड़ों का घर हो। उनके मोबाइल पर ऐसे सैकड़ों कीड़ों की तस्वीर और वीडियो हैं। जिसे देखकर आप दंग रह जाएंगे। कीड़ों की बारीकी फोटोग्राफी, उनके अंगों का चित्रण बखूबी उनके फोटो और वीडियो के जरिए दिखता है। जिन तक आम लोगों की नजर पहुंच ही नहीं पाती। जिन कीड़ों से लोग डर कर दूर भागते हैं, उनकी सुंदरता और खासियत टिकेश कुमार साहू के फोटोग्राफी में झलकता है। 17 नवंबर को यह कीड़ा प्रेमी टिकेश कुमार साहू बालोद के पर्यावरण पार्क में पहुंचे थे। जहां उन्होंने कई प्रकार के कीड़ों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की। तितली जोन में भी उन्होंने कुछ घंटे बिताए। जहां विभिन्न प्रजाति और रंगों की तितली उनकी हथेली पर आकर बैठे। इस दौरान उन्होंने उनकी आकर्षक फोटोग्राफी और वीडियो बनाई। उन्होंने कहा कि वन विभाग के द्वारा पर्यावरण पार्क विकसित करने का यह प्रयास सराहनीय है। इससे पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलता है और लोगों को पर्यावरण के सुरक्षा के साथ उन्हें प्रकृति के करीब लाने का एक सार्थक प्रयास होता है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि इस संसार का हर जीव अमूल्य है। उनकी रक्षा करें। उन्हें बेवजह परेशान या नष्ट न करें। जीव जंतुओं और कीड़े मकोड़े से लगाव का ही विशेष परिणाम था कि पर्यावरण पार्क में जब वे घूमने के लिए आए थे तो बंदर का एक बच्चा उनके पास इस तरह से आ गया मानो उन्हें पहले से जानता हो। टिकेश कुमार साहू ने अपनी दरियादिली दिखाई और बंदर को खाना खिलाया उन्हें पानी भी पिलाया। इस तरीके से जीव दया की भावना दिखाकर टिकेश साहू ने जीव जंतुओं और कीड़े मकोड़े के प्रति भी स्नेह और दया की भाव रखने का संदेश समाज को दिया। टिकेश साहू के मित्र दीपक यादव बताते हैं कि लगभग 2 साल से टिकेश साहू को कीड़े मकोड़े की फोटो खींचने का अजीबोगरीब शौक चढ़ा है। लोग उनके मोबाइल की गैलरी देखते हैं तो दंग रह जाते हैं। इस शौक के पीछे का कारण टिकेश साहू बताते हैं कि वह 12वीं में कृषि संकाय के छात्र थे। इस दौरान उन्होंने फसल के साथ-साथ कीड़े मकोड़े के बारे में पढ़ा और उनके जीवन के बारे में समझा। तब से उनका ख्याल आया कि क्यों ना कीड़ों की जिंदगी के कुछ अंश और दृश्य को अपने मोबाइल के जरिए सामने लाया जाए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के क्षेत्र में कदम रखा। रोजाना सुबह 7 बजे से अपने प्लंबर कार्य के सिलसिले में बालोद काम पर चले जाते हैं। इस बीच उन्हें जब भी वक्त मिलता है वह कीड़े मकोड़े की जिंदगी में झांक कर उनकी दुनिया को लोगों के सामने तस्वीर और वीडियो के जरिए सामने लाने का प्रयास करते हैं। ताकि लोग कीड़े मकोड़े के संरक्षण के प्रति भी जागरूक हो। पारिस्थितिक संतुलन बना रहे। उनका मानना की पारिस्थितिक तंत्र में प्रत्येक जीव का अहम योगदान होता है। खाद्य श्रृंखला एक दूसरे से जुड़ी होती है। अगर श्रृंखला से एक भी जीव गायब हो तो इसका असर पूरे खाद्य श्रृंखला पर पड़ता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए टिकेश साहू 2 साल से कीड़ों के संरक्षण और उनके जीवन शैली से लोगों को रूबरू कराने का प्रयास अपनी फोटोग्राफी और वीडियो ग्राफी के जरिए कर रहे हैं। शायद ही इस तरह का शौक कोई युवा रखता हो। लेकिन टिकेश साहू की यह विलक्षण प्रतिभा उन्हें अलग पहचान दिलाती है। तस्वीरें और वीडियो देखने आप उनके इंस्टाग्राम आईडी tikeshsahut पर देख सकते हैं।
