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किल्लेकोडा स्कूल में प्रोजेक्टर के माध्यम से विश्व ओजोन परत दिवस पर छात्र छात्राओं को विस्तार से बताया कार्यशाला का हुआ आयोजन

डौंडीलोहारा ।वनांचल क्षेत्र में स्थित शासकीय हाई स्कूल किल्लेकोडा के स्मार्ट क्लास रूम में घनश्याम पटेल व्याख्याता के निर्देशन में विज्ञान विभाग के व्याख्याता हेमेंद्र साहू द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से ओजोन परत में होने वाले छिद्र जिसका प्रभाव पृथ्वी में रहने वाले लोगों जन -जीवन पर प्रभावी रूप से पड़ रहा है के बारे में छात्र-छात्राओं तथा विद्यालय के शिक्षक शिक्षाओं को दिखाया गया।

प्रोजेक्टर में देखने के पश्चात जी .पटेल व्याख्याता तथा हेमेंद्र साहू व्याख्याता के द्वारा छात्र-छात्राओं कोओजोन परत से संबंधित प्रश्न पूछे गए। जिसका उत्तर उन्होंने बहुत अच्छे ढंग से दिए उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों में प्रमुख रूप से ओजोन परत में छिद्र क्यों पड़ रहा हैं ?मानव जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है? आदि। इस अवसर पर अजय मुखर्जी प्राचार्य ने कहा कि– वैज्ञानिक अनुसंधान और सामूहिक तथा व्यक्ति के प्रयासों तथा धीरे-धीरे उनके इच्छा शक्ति बढ़ने के कारण ऐसी स्थिति बनी है।

जिसकी वजह से मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है उन्हें त्वचा कैंसर जैसी बीमारियों से जूझना पड़ रहा है जी. पटेल व्याख्याता ने बताया कि- आज विश्व के लोगों को वैज्ञानिकों द्वारा ओजोन परत पदार्थो का उपयोग रोकने के संबंध में औद्योगिक संस्थानों के साथ-साथ कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है इसके लिए औद्योगिक संस्थाओं द्वारा शपथ का आयोजन कर उसके माध्यम से जागरुकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। आज ओजोन परत दिवस के अवसर पर हमारे विद्यालय में स्कूल के छात्र-छात्राओं की रैली जी पटेल की निर्देशन में निकाली गई तथा क्विज प्रतियोगिता, भाषण व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन डॉक्टर बी. एल. साहसी , सी.जी. पटेल, त्रिजिला ठाकुर मैडम के अगवानी में संपन्न हुआ। ओजोन परत से संबंधित मॉडल जे.पी. बांधव व्याख्याता तथा हेमेंद्र साहू व्याख्याता के द्वारा छात्र-छात्राओं से तैयार कर प्रदर्शित किया गया ।साथ में नाटक के माध्यम से ग्रामीण जनों को बताने का प्रयास किया गया कि ओजोन परत से हमें कैसे हानि हो रही है उसे कैसे बचे जिसका संचालन डॉक्टर साहसी ने किया इस अवसर पर समस्त स्टाफ उपस्थित जिसमे वाय.एस.मरकाम वरिष्ठ व्याख्याता, ललित देवहारी, श्रवण यादव, कुशल देवदास आदि उपस्थित थे,अंत में मरकाम सर द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

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