बालोद। शासकीय प्राथमिक शाला बड़गांव संकुल केंद्र बड़गांव डोंडी लोहारा के बच्चों द्वारा ओजोन दिवस पर जागरूकता लाने हेतु एक प्रयास किया गया जिसमें सभी बच्चों ने ओजोन (O3) का मानव श्रृंखला बनाकर संदेश देते नजर आये। संस्था प्रमुख द्वारा बच्चों को जागरूक करते हुए बताया की पृथ्वी की सतह से 10 किमी और 40 किमी के बीच समताप मंडल में ओजोन परत मौजूद है और यह हमें सूर्य के अल्ट्रा वायलेट विकिरण से बचाती है। समताप मंडल में बनने वाले इस ओजोन को स्ट्रैटोस्फेरिक ओजोन या अच्छा ओजोन कहा जाता है। ओजोन परत के बिना, सूर्य से विकिरण सीधे पृथ्वी पर पहुंच जाएगा, जिससे मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा, यानी, आंखों का मोतियाबिंद, त्वचा कैंसर, आदि हो सकता है। इससे कृषि, वानिकी और समुद्री जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। क्लोरीन और ब्रोमीन युक्त मानव निर्मित रसायन समताप मंडल में पहुंचते हैं और उत्प्रेरक प्रतिक्रियाओं की एक जटिल श्रृंखला से गुजरते हैं, जिससे ओजोन का विनाश होता है। इन रसायनों को ओजोन क्षयकारी पदार्थ कहा जाता है। ओजोन परत के संरक्षण पर अंतरराष्ट्रीय संधि वियना कन्वेंशन 1985 में लागू हुआ था। इस कन्वेंशन के तहत, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल 1987 में लागू हुआ ताकि पृथ्वी की ओजोन परत की रक्षा के लिए ओजोन परत की मरम्मत की जा सके और ओजोन क्षयकारी पदार्थों के उत्पादन और खपत को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा सके।
इस अवसर पर प्रभारी प्रधान पाठक कमल कांत साहू, शिक्षक टिकेंद्र रामटेके, नोमेश्वरी साहू सहित सभी 106 बच्चों ने सहभागिता दिये।
विश्व ओजोन दिवस पर बनाया गया मानव श्रृंखला
