पेंशन का ये कैसा टेंशन? सेवानिवृत्ति पर पुरानी पेंशन से वंचित हो रहे कई एल बी संवर्ग के शिक्षक



पेंशन के लिए संविलियन के पूर्व की सेवा गणना करने की मांग,पूर्ण पेंशन के लिए 33 वर्ष की सेवा बाध्यता को घटाकर 20 वर्ष करने किया जाए

बालोद। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बालोद के जिलाध्यक्ष दिलीप साहू, प्रदेश संगठन सचिव प्रदीप साहू, जिला संयोजक रामकिशोर खरांशु, बीरबल देशमुख, जिला उपाध्यक्ष शिव शांडिल्य, वीरेन्द्र देवांगन, कामता प्रसाद साहू ,संतोष देवांगन, जिला सचिव नरेंद्र साहू, जिला कोषाध्यक्ष पवन कुम्भकार सहित सभी पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार के विधानसभा चुनाव के पहले जारी जन घोषणा पत्र-2018 में वादा किया गया था कि सीपीएफ पर विचार कर 2004 के पूर्व की पेंशन योजना को वापस लागू करने हेतु कार्यवाही की जाएगी! प्रदेश सरकार ने इस वादे को पूरा करने के लिए पुरानी पेंशन योजना को एक अप्रैल 2022 से लागू किया है, लेकिन इसके लाभ से प्रदेश के हजारों एल बी संवर्ग के शिक्षक वंचित हो जाएंगे! साथ ही कई शिक्षकों को आंशिक पेंशन ही मिल पायेगा। छग टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत एल. बी. संवर्ग के लगभग डेढ़ लाख शिक्षक, पंचायत विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन के माध्यम से आए हैं। छग शासन ने पुरानी पेंशन लागू करते समय उल्लेख किया है कि यह शासकीय कर्मचारियों को देय होगा। एल. बी. संवर्ग के शिक्षकों को संविलियन तिथि से शासकीय कर्मचारी माना जा रहा है इसलिए उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ देने के लिए सेवा की गणना संविलियन तिथि से ही किया जा रहा है जबकि संविलियन के पहले पंचायत विभाग में किए गए उनकी बीस वर्ष की सेवा को दरकिनार कर दिया गया है। इससे 1998 में नियुक्त शिक्षकों को पंचायत व शिक्षा विभाग में मिलाकर कुल सेवा अवधि 28 वर्ष से कम होने पर पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित हो रहे हैं। यह पुरानी पेंशन के लिए 10 साल की शासकीय सेवा की बाध्यता के कारण हो रहा है, क्योंकि ऐसे शिक्षक संविलियन तिथि के बाद 10 साल की सेवा से पहले ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 28 वर्ष से अधिक सेवा होने पर ही वे पुरानी पेंशन पाने की पात्रता रखेंगे, लेकिन वह भी आंशिक पेंशन। आंशिक पेंशन इसलिए क्योंकि पूर्ण पेंशन के लिए 33 वर्ष की शासकीय सेवा का प्रावधान है, जिसे लगभग एक लाख से अधिक शिक्षक पूरा नहीं कर पाएंगे। विदित हो कि जिले में 1998 से नियुक्त शिक्षिका श्रीमती ललिता यादव, व्याख्याता के पद पर कार्य करतीं हुई 25 वर्ष की सेवा उपरांत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राणाखुज्जी, विकास खंड डौंडीलोहारा से बिना पुरानी पेंशन के 31 जुलाई 2023 को सेवानिवृत्त हुई व पूर्व में ही गुरूर विकास खंड से हरिश्चन्द्र सिन्हा, सहायक शिक्षक 31 मार्च 2022 को शासकीय प्राथमिक शाला आमापानी से तथा रूपराम नागवंशी, शिक्षक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चंदनबिरही, गुरूर से 30 जून 2022 की स्थिति में सेवानिवृत्त हो चुके हैं और 24 वर्ष की सेवा उपरांत भी बिना पेंशन गुजारा करने मजबूर हैं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार व शासन से जन घोषणा पत्र-2018 में किए गए वादे के अनुरूप एल. बी. संवर्ग के सभी शिक्षकों को पूर्ण पेंशन का लाभ देने हेतु संविलियन से पहले पंचायत के सेवा अवधि की गणना करने तथा पूर्ण पेंशन के लिए 33 वर्ष की सेवा अवधि को घटाकर केंद्रीय कर्मचारियों के समान 20 वर्ष करने की मांग किया है।

You cannot copy content of this page