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उद्यानिकी फसलों के लिए बीमा,कराने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर

बालोद। उद्यानिकी फसलों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर 2022 निर्धारित की गई है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि उद्यानिकी फसल टमाटर, बैगन, पत्तागोभी, फूलगोभी, प्याज एवं आलू रबी वर्ष 2022-23 अंतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजनांतर्गत बालोद जिले के ईच्छुक ऋणी-अऋणी कृषक 15 दिसम्बर तक लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या बीमा कंपनी बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंश कम्पनी के प्रतिनिधि से संपर्क कर अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा करवा सकते है, इस हेतु बीमा कंपनी के प्रतिनिधि श्री गजेन्द्र कुमार देवांगन मोबाईल नम्बर 9770111641 से संपर्क कर सकते है।
उन्होंने बताया कि इस योजना मे सभी अऋणी कृषक (भूधारक एवं बटाईदार), जो इस योजना मे शामिल होने के ईच्छुक है, ऐसे कृषकों को घोषणा पत्र के साथ फसल बुआई प्रमाण-पत्र अथवा प्रस्तावित फसल बोने के आशय का स्वघोषणा पत्र सहित संबंधित अन्य अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। चयनित उद्यानिकी फसलों का बीमा कराये जाने के लिये किसानों को उन फसलों के लिए निर्धारित ऋणमान का 5 प्रतिशत प्रिमियम राशि के रुप मे देना होगा, शेष प्रिमियम की राशि 50-50 प्रतिशत राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा दिया जावेगा। ऋणी कृषक जो योजना में शामिल नहीं होना चाहते है, उन्हे भारत सरकार द्वारा जारी चयन प्रपत्रानुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 07 दिवस पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्थान मे अनिवार्य रुप से जमा करना होगा। निर्धारित समय-सीमा मे हस्ताक्षरित घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा संबंधित मौसम के लिए स्वीकृत, नवीनीकृत की गई अल्पकालीन कृषि ऋण को अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि किसानों को विपरित मौसम जैसे-कम तापमान, अधिक तापमान, अधिक वर्षा, कम वर्षा, बेमौसम वर्षा, कीट एवं व्याधि प्रकोप के अनुकूल मौसम, वायु गति से फसलों को होने वाले क्षति एवं ओला वृष्टि तथा चक्रवाती हवा से फसल वीमा का लाभ प्राप्त होगा। स्थानीय आपदा के तहत् खरीफ मौसम के टमाटर, बंैगन, पत्तागोभी, फूलगोभी, प्याज एवं आलू फसल हेतु ओलावृष्टि से वीमा सुरक्षा प्रदान करेगा। तथा ओलावृष्टि, चक्रवाती हवाएं की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे वीमा कम्पनी के टोल फ्री नं. 1800-209-5959 एवं कृषक शिकायत निवारण के टोल फ्री नम्बर 14447 पर या लिखित रुप मे 72 घंटे के भीतर संबंधित बैंक, स्थानीय राजस्व, उद्यानिकी, कृषि अधिकारी अथवा जिला उद्यान अधिकारी को बीमित फसल के व्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करेगा। संबंधित संस्था, विभाग 48 घंटा के भीतर कृषकों से प्राप्त जानकारी (बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित) बीमा कंपनी को प्रदान करेंगे। बीमा कम्पनी द्वारा जिले में 29 स्थानों पर स्वचलित मौसम स्टेशन स्थापित किया गया है, जिससे प्राप्त मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर ही बीमा दावा का भुगतान किया जाता है। कृषक द्वारा लगाये गये फसल का केवल एक बार ही बीमा आच्छादन का लाभ ले सकता है। एक रकबे को एक से अधिक बार बीमा होने की स्थिति में बीमा कम्पनी द्वारा ऐसे सभी दावो को निरस्त कर दिया जाएगा।

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