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मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा कार्यशाला में शिक्षकों ने जाना जोखिम में जान बचाने के तरीके, मास्टर ट्रेनर ने बताया- सांप काटने पर क्या करें?

डौंडीलोहारा। एससीईआरटी रायपुर एवं डाइट दुर्ग के निर्देशन में मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा कार्यशाला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहगांव में 8 से 10 जून तक आयोजित किया गयाl कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य भीखम सिंह रावटे एवं कार्यक्रम का संचालन संकुल समन्वयक सनत कुमार दुबे ने किया l इस कार्यशाला में संकुल के सभी प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल, एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल के 38 शिक्षकों ने भाग लिया। इस कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर्स श्रीमती मुनमुन सिन्हा एवं गिरीश कुमार निर्मोही के द्वारा संरचनात्मक एवं गैर संरचनात्मक जोखिम शाला में अध्यापन करने वाले बच्चों के लिए किस प्रकार असुरक्षित है कि विस्तृत जानकारी दी। साथ ही इस पर एक माक ड्रिल का आयोजन भी कराया गया। आपदा विपदा,सर्पदंश,सड़क सुरक्षा व बाल संरक्षण लैंगिक समानता पर विशेष रूप से चर्चा करते हुए कार्यशाला को बहुत ही आकर्षक और मनोरंजक रूप से प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला में अधिकांश समय सामूहिक गतिविधि पर जोर दिया गया क्योंकि सामूहिक रूप से कार्य करने पर कोई भी कार्य सरलता से पूर्ण हो जाता है। श्रीमती मुनमुन सिन्हा द्वारा सर्पदंश या किसी जहरीले कीट के काटने पर किस प्रकार से हमको प्राथमिक उपचार करना चाहिए इसकी विस्तृत जानकारी दी गई।

साथ ही निर्मोही सर द्वारा सीपीआर की आवश्यकता क्यों पड़ती है और किस परिस्थिति में सीपीआर करना चाहिए इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। मॉक ड्रील के द्वारा बताया गया कि एक पैर में चोट लग जाने पर हमें अपने साथी की कैसी मदद करनी चाहिए, दोनों पैरों में,कमर में चोट लगने पर उसको किस प्रकार स्ट्रेचर द्वारा सुरक्षित स्थान तक ला सकते हैं। साथ ही तालाब में डूबते हुए व्यक्ति को हम किस प्रकार से सुरक्षित रूप से बाहर निकाल सकते हैं और उसकी जान बचा सकते है। सड़क सुरक्षा पर सभी ने अपनी अपनी राय साँझा की । भीखम सिंह रावटे ने कहा सड़क पर चलते समय गति पर नियंत्रण रखना एवं समय का विशेष रूप से ध्यान रखना यही सड़क पर चलने की विशेष सुरक्षा है। साथ ही यातायात के नियमों को ध्यान में रखते हुए अपनी सुरक्षा सर्वप्रथम हो इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सीएसी दुबे द्वारा सावधानी ही सुरक्षा है का मूल मंत्र दिया गया। किसी भी कार्य में जाते समय पूर्व अपने आप को तैयार कर सड़क पर सुरक्षित रूप से चलना बताया गया। तीन दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन सीएसी सनत कुमार दुबे द्वारा बताया गया कि यह पहला ऐसा अवसर है जिसमें चारों प्रकार के स्कूल प्राथमिक माध्यमिक हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के सभी शिक्षकों का एक साथ प्रशिक्षण लगाया गया है और ऐसे प्रशिक्षण से हम सभी अपने संकुल के सभी शिक्षकों से परिचित हो सकते हैं और सभी एक दूसरे से मिल सकते हैं। इतना सुनहरा अवसर इससे पहले आज तक हमें नहीं मिला है। विद्यालय खोलने से पहले सभी प्रकार की व्यवस्था साफ-सफाई और और अपने कार्य के प्रति कर्तव्य परायण होने एवं इस प्रशिक्षण का अपने शाला परिवार में बच्चों के साथ चर्चा करने के लिए तथा व्यक्तिगत रूप से सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहने के लिए कहा। कार्यशाला समापन में रंजना साहू (पीटीआई सहगांव ) के द्वारा कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा को बताया गया और शाला परिवार को कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया गया।

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