बालोद। ग्राम सिवनी में वीर शहीद नारद निषाद की छठवीं पुण्यतिथि श्रद्धा, भक्ति और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनकी पत्नी पुष्पा निषाद द्वारा नेवता भोज का आयोजन कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल होकर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वर्ष 2020 में सुकमा नक्सली हमले में शहीद हुए वीर सपूत नारद निषाद की स्मृति में शहीद स्मारक स्थल पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण, गुलाल अर्पण, पुष्पांजलि एवं पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने शहीद की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। शहीद की माता रामबाई निषाद इस दौरान भावुक नजर आईं, वहीं अपने वीर पुत्र पर गर्व भी व्यक्त किया।
बच्चों के लिए विशेष भोज, समाज में दिखा उत्साह
कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सिवनी एवं पूर्व माध्यमिक शाला सिवनी में बच्चों के लिए नेवता भोज आयोजित किया गया, जिसमें खीर, पुड़ी और सब्जी परोसी गई। बच्चों और ग्रामीणों में इस दौरान विशेष उत्साह देखने को मिला।
सेवा भाव की मिसाल: पोहा वितरण और जनसहभागिता
शाम 5 बजे शहीद स्मारक के पास घनाराम साहू द्वारा राहगीरों को पोहा वितरित किया गया, जो सेवा और श्रद्धांजलि का अनूठा उदाहरण बना। कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर शहीद के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
रामायण पाठ से गूंजा भक्ति का वातावरण
संध्या 7 बजे शहीद के निवास स्थान पर रायपुर से आई मानस मंडली द्वारा रामायण पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को खीर, पुड़ी और बड़ा का प्रसाद वितरित किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
परिवार और ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति
शहीद नारद निषाद अपने पीछे पुत्र वेद प्रकाश निषाद और पुत्री मोनिशा निषाद को छोड़ गए हैं। कार्यक्रम में कमलेश कुमार निषाद, रोहित साहू, कृष्णा देवांगन, रोशन साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
समाजसेवी संगठनों का मिला सहयोग
इस आयोजन में नव चेतना समाजसेवी संगठन की अध्यक्ष पद्मिनी देवेंद्र साहू सहित मितानिन प्रशिक्षक सरिता साहू और मितानिन कार्यकर्ता पुष्पा, देवकी, जमुना, दुरपत, रामेश्वरी, पूर्णिमा, राधा आदि का विशेष सहयोग रहा।
सामाजिक एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश
यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा, एकता और देशभक्ति का प्रेरणादायक संदेश भी देता नजर आया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता ने यह साबित किया कि शहीदों का सम्मान और उनके बलिदान की स्मृति समाज में आज भी जीवित है।
3 वर्ष पहले हुए थे शहीद:
ज्ञात हो कि सुकमा जिले के मिनपा के पास 3 वर्ष पहले 21 मार्च को नक्सलियों से मुठभेड़ हुआ था. जिसमें बालोद जिले के सिवनी निवासी नारद निषाद (44) भी शहीद हो गए थे. वे लगभग 22 साल से एसटीएफ के जवान थे. सुकमा क्षेत्र में ही उनकी पोस्टिंग थी
