DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

महुआ से पोषण की ओर: यज्ञदत्त शर्मा ने किया राजनांदगांव महुआ प्रसंस्करण व संजीवनी विक्रय केंद्र का निरीक्षण

बालोद । छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने शनिवार को राजनांदगांव स्थित महुआ प्रसंस्करण केंद्र एवं छत्तीसगढ़ हर्बल संजीवनी विक्रय केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कच्चे वनोपज से तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया, भंडारण, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता मानकों का अवलोकन किया तथा स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली।

निरीक्षण के समय जिला यूनियन राजनांदगांव के उप प्रबंध संचालक योगेन्द्र गंडेचा, महुआ प्रसंस्करण केंद्र के मैनेजर देवेश जंघेल, लाख मैनेजर निलेश चक्रधारी, जय मां फिरनतीन महिला स्व-सहायता समूह की सचिव भारती यादव, कोषाध्यक्ष शीतल यादव सहित सदस्य मीना यादव, पूजा सिन्हा, रश्मि यादव, रमेश्वरी, निधि यादव, अनिता, रंजन कुलदीप एवं अन्य उपस्थित रहे।

महुआ से बन रहे पौष्टिक उत्पाद
राजनांदगांव के गौरव पथ स्थित महुआ प्रसंस्करण केंद्र में स्व-सहायता समूह की महिलाएं महुआ से एनर्जी बार, बिस्कुट और लड्डू जैसे पौष्टिक उत्पाद तैयार कर रही हैं। इससे पारंपरिक रूप से महुआ को लेकर बनी धारणा में सकारात्मक बदलाव आ रहा है और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

अर्जुन की छाल से आयुर्वेदिक चाय का निर्माण
यहां महिलाएं अर्जुन वृक्ष की छाल से आयुर्वेदिक चाय भी तैयार कर रही हैं। यह चाय हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है, जो हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक है।

सेहत के लिए नवाचार
प्रबंध संचालक आयुष जैन की पहल पर आम नागरिकों को अर्जुन की छाल और सोंठ से बनी चाय पिलाने की व्यवस्था शुरू की गई है। यह आयुर्वेदिक पेय हार्ट हेल्थ, पाचन तंत्र और मानसिक शांति के लिए उपयोगी है, वहीं सर्दियों में इसका विशेष लाभ बताया गया है।

महिलाओं की प्रगति पर जताई संतुष्टि
उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के तहत इन उत्पादों का विपणन एवं विक्रय राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा राजनांदगांव स्थित छत्तीसगढ़ हर्बल संजीवनी विक्रय केंद्र के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न वनमंडलों और जिला यूनियनों के स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित प्रमुख उत्पाद यहां उपलब्ध हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टोरेज, पैकिंग और निर्माण विधियों का भी अवलोकन किया तथा महिलाओं की प्रगति देखकर प्रसन्नता जताते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री की पहल से बदली महुआ की पहचान
उपाध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच और पहल से महुआ को शराब से अलग कर पोषण और खाद्य सामग्री से जोड़ा गया है। इस नवाचार से अब महुआ से अनेक पौष्टिक खाद्य उत्पाद तैयार हो रहे हैं, जिससे इसकी सामाजिक छवि में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने कहा कि महुआ और मिलेट्स जैसे पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक विज्ञान और नवाचार से जोड़कर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और नगर निगम महापौर मधुसूदन यादव जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ पोषण एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ की पहचान को मजबूत कर रहे हैं।

You cannot copy content of this page