बालोद। जिले के गुण्डरदेही में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रतिमा ठाकरे झा के खिलाफ तहसील अधिवक्ता संघ का आक्रोश खुलकर सामने आया है। अधिवक्ता संघ ने एसडीएम पर न्यायालयीन कार्यों में मनमानी, असंवेदनशील व्यवहार और अधिवक्ताओं को धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर बालोद को ज्ञापन सौंपा है। इससे पहले यही ज्ञापन मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन को भी प्रेषित किया जा चुका है।
अधिवक्ता संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि एसडीएम प्रतिमा ठाकरे झा द्वारा लगातार ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जिससे अधिवक्ताओं की गरिमा और न्यायालयीन वातावरण प्रभावित हो रहा है। संघ का आरोप है कि सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं की बातों को नजरअंदाज किया जाता है और अनावश्यक हस्तक्षेप के चलते कामकाज में बाधा उत्पन्न होती है।
ज्ञापन में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि एसडीएम प्रतिमा ठाकरे झा द्वारा अधिवक्ताओं को खुले तौर पर यह कहा जाता है कि “आप मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, कलेक्टर मेरा खास है”। इस तरह के कथनों को संघ ने प्रशासनिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए इसे धमकीपूर्ण व्यवहार करार दिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि ऐसे शब्दों से न केवल भय का माहौल बनता है, बल्कि न्यायिक स्वतंत्रता भी प्रभावित होती है।
अधिवक्ता संघ का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में मौखिक रूप से भी आपत्ति दर्ज कराई गई थी, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। मजबूर होकर संघ को मुख्यमंत्री और कलेक्टर के समक्ष लिखित शिकायत करनी पड़ी।
ज्ञापन में संघ ने मांग की है कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गुण्डरदेही प्रतिमा ठाकरे झा का शीघ्र स्थानांतरण किया जाए, ताकि न्यायालयीन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता संघ आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन पर संघ के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर हैं।
