करहीभदर में बेलगाम हुई यातायात व्यवस्था, सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद भी नहीं हुआ सुधार



डेंजर जोन साबित हो रहे कई स्थान, जनपद सदस्य लोकेश डड़सेना ने जताई चिंता

बालोद । बालोद जिले की प्रमुख करहीभदर गांव में यातायात व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है। यहां मंगलवार की शाम को सड़क हादसे में एक महिला भारती पिस्दा की मौत हो गई तो वही उनके पति ईश्वर पिस्दा घायल हुए हैं। सांकरा क के समीप अज्ञात वाहन द्वारा मोटरसाइकिल में जा रही उक्त दंपति को टक्कर मारकर फरार हो गए। इस घटना के बाद भी यातायात प्रशासन ने सुध नहीं लिए। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र के जनपद सदस्य लोकेश डड़सेना ने मीडिया में आवाज उठाते हुए कहा कि बालोद जिले के करहीभदर में सबसे बड़े आम बाजार और मवेशी बाजार मंगलवार को लगता है। इस दौरान बड़े-बड़े ट्रक, माइंस की गाड़ियां चलती हैं और ओवरलोड भी रहता है। इससे राहगीरों को आवाजाही में बहुत दिक्कत होती है। यातायात पुलिस एक भी दिन यहां झांकने के लिए नहीं आते हैं। जहां मंगलवार की शाम को घटना में महिला की मौत हुई है तो बुधवार को भी करहीभदर के पास एक ट्रक ने एक दो पहिया को घसीटते हुए 1 किलोमीटर तक ले गए। जिसमें दुपहिया सवार ट्रक के टक्कर से गिर गया और हाथ टूट गया है। इलाज जारी है। ऐसी घटना और कभी भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि यहां पर शराब दुकान भी है पर जहां रोड से गुजरने वाली सभी बड़ी गाड़ियां रूकती हैं और लोग दुकान से शराब लेकर गाड़ी में ही बैठकर पीते रहते हैं। जिस पर न तो आबकारी विभाग और ना ही पुलिस ने आज तक कोई कार्रवाई किया है। लगातार व्यवस्था चरमरा रही। जो चिंता का विषय है। शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। सिर्फ फोटो सेशन के लिए सड़क सुरक्षा माह जागरूकता नहीं होना चाहिए। वास्तव में जहां जरूरत है वहां पर यातायात व्यवस्था सुधार करनी चाहिए। कलेक्टर द्वारा भी दो-चार दिन नो हेलमेट नो पेट्रोल अभियान चलाया गया था वह भी अब विफल होता नजर आ रहा है।

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