विकास के नाम पर मिला झुनझुना : क्रांति भूषण साहू
बालोद। बीते दिनों गुण्डरदेही में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आगमन हुआ था। जहां उन्होंने नगर निकाय के विभिन्न विकास कार्यों के लिए करोड़ों की सौगात दी । लेकिन ग्राम पंचायतों के लिए बिना कुछ दिए ही चले गए। इस बात से पंचायत प्रतिनिधियों में काफी नाराजगी है। इस मुद्दे को लेकर भरदाकला के सरपंच व पूर्व जनपद सदस्य क्रांति भूषण साहू ने मीडिया में बयान देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों को भीड़ बढ़ाने के लिए कहा गया था। सभी पंचायत अपने-अपने स्तर पर पंचायत फंड से गाड़ी की व्यवस्था कर पंचों और ग्रामीणों को आयोजन में ले गए थे। वह सिर्फ नगरी निकाय नगर पंचायत गुण्डरदेही का आयोजन न होकर सबका आयोजन था। पर मुख्यमंत्री द्वारा पंचायत की समस्याओं को लेकर कोई संज्ञान नहीं लिया गया, ना कोई घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि ऐसा महसूस हुआ कि पंचायत प्रतिनिधि सिर्फ भीड़ बढ़ाने का जरिया बनकर आए थे और विकास के नाम पर उन्हें झुनझुना मिला। उन्होंने कहा कि 12 जनवरी को गुण्डरदेही में आयोजित मुख्यमंत्री की सभा में जिस तरह से गुण्डरदेही विधानसभा को विकास के नाम पर प्रचारित किया गया था जिससे उम्मीद जगी थी कि ग्राम पंचायत को भी कुछ सौगात मुख्यमंत्री देंगे, बड़ी घोषणा होगी लेकिन मुख्यमंत्री की कृपा नगर पंचायत में सिमट कर रह गई। उन्होंने कहा कि विष्णु देव सरकार में आज पंचायत की सरकार विकास कार्य को लेकर अत्यधिक परेशान है। 15वें वित्त की राशि भी 6 माह से नहीं मिली थी जिसे देरी से जारी किया गया। जिला खनिज न्यास में भी राशि मिलना बंद हो गया है। जिसके चलते जिले के सरपंच अपने अपने ब्लॉक में भी धरना दे रहे हैं। फिर भी सरकार का ध्यान पंचायत के प्रति उदासीन है।

भीड़ लाने के लिए जनपद से था निर्देश
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के गुण्डरदेही आगमन पर ब्लॉक के सरपंचों को जनपद पंचायत की ओर से पंचायत वार भीड़ लाने के लिए संख्या तय कर निर्देशित किया गया था कि अपने-अपने पंचायत से इतने लोगों को लेकर आना है। और सभी सरपंच लेकर भी आए । ग्रामीण आवश्यकता की मांग भी किया गया लेकिन सिर्फ नगर पंचायत को ही विकास का पैमाना मानते हुए घोषणा की गई। जिससे पंचायती राज के प्रतिनिधियों को अत्यधिक पीड़ा और निराशा महसूस हुई है। इस तरह से पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा किया जाना ठीक नहीं है। भरदाकला सरपंच क्रांति भूषण साहू ने कहा कि क्षेत्रीय सांसद द्वारा जी राम जी योजना से गांव गांव में विकास कार्य होने की बात कही गई है जबकि सांसद को भी करोड़ों का फंड मिलता है। जिससे गुण्डरदेही विधानसभा या जनपद क्षेत्र के लिए घोषणा कर सकते थे। यह बता सकते थे कि अपने फंड से गुण्डरदेही विधानसभा के जनपद क्षेत्र में कितने करोड़ के कार्य स्वीकृत हुए हैं। सरपंच के द्वारा आगे कहा गया कि इस तरह से सरपंचों का उपयोग सिर्फ भीड़ लाने के लिए नहीं होना चाहिए। आगे अगर यही रवैया रहा तो सरपंच किसी दूसरी जगह के आयोजन में सीएम या किसी भी बड़े नेता मंत्री के आगमन पर अपने पंचायत के लोगों को ले जाना बंद कर देगी।
