बालोद- छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार का सुशासन का मुखौटा अब खुद मुख्यमंत्री जी के हाथों उतरता दिख रहा है। पहले रोवर–रेंजर जम्बूरी की मेज़बानी मिलने पर गर्व जताया गया, फिर वही पोस्ट डिलीट कर दी गई,यह गर्व नहीं, घबराहट का प्रमाण है। उक्त बाते विधायक डौंडी लोहारा अनिला भेड़िया ने कही। उन्होंने कहा कि सवाल साफ़ है जब टेंडर खुला नहीं लेकिन पंडाल खड़ा हो गया। बिना टेंडर, बिना वर्कऑर्डर किराया भंडार वाले को करोड़ों का काम दे दिया गया। यह लापरवाही नहीं, संगठित भ्रष्टाचार है। जब हर भाषण में “पारदर्शिता” का ढोल पीटा जाता है,तो ज़मीन पर नियमों की खुलेआम धज्जियाँ क्यों उड़ाई जा रही हैं ? अगर सब कुछ नियमों के तहत था, तो मुख्यमंत्री जी को ट्वीट डिलीट करने की मजबूरी क्यों पड़ी ?
अनिला भेंडिया ने कहा कि डिलीट बटन दबाने से सच नहीं मिटता। पोस्ट हट सकती है, लेकिन भ्रष्टाचार के सवाल नहीं।
हम स्पष्ट मांग करते हैं—
- पूरे आयोजन की उच्चस्तरीय व स्वतंत्र जांच हो
- बिना टेंडर दिए गए सभी कार्यों का श्वेतपत्र जारी किया जाए
- जिम्मेदार अधिकारियों और लाभार्थियों पर तत्काल कार्रवाई हो।
