DAILY BALOD NEWS

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ऐसा तो हाल है- 5 दिन पहले पूजा पाठ कर शुरू किया गया कारखाना, प्रबंधन की लापरवाही से पेराई बंद, गन्ने से लदी सैकड़ो गाड़ियां हुई जाम

पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा ने मौके पर जाकर सुनी किसानों की समस्या, कहा : करेंगे आंदोलन

बालोद । बालोद जिले के एकमात्र मां दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाना करकाभाट में लगभग एक हफ्ते पहले ही कलेक्टर सहित सभी अधिकारियों की मौजूदगी में पूजा अर्चना कर इस सत्र का पेराई सीजन शुरू किया गया था। लेकिन क्या खामियां रह गई कि एक हफ्ते के भीतर ही पेराई बंद करनी पड़ गई है। इधर पेराई शुरू होने के बाद गांव में मुनादी करवाने के साथ गन्ना लगाने वाले किसान अपनी अपनी उपज लेकर यहां पहुंच चुके हैं। सैकड़ो गाड़ियों की कतार और जाम लगी है। पर गन्ना पेराई बंद हो गया है। तकनीकी खराबी के चलते यह स्थिति देखने को मिल रही है।

कारखाना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस समस्या की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा भी रविवार को कारखाना परिसर में किसानों से मिलने के लिए पहुंचे और वस्तुस्थिति की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि 2 दिन से ज्यादा हो गए हैं हमारी गाड़ियां खड़ी हुई है पेराई बंद हो गया है। यहां गन्ना रखने के लिए जगह ही नहीं है। ऐसे में गन्ना को कहां रखें, ना वापस ले जा सकते हैं। गाड़ी का किराया अलग किसानों को प्रतिदिन के हिसाब से देना पड़ रहा है और वे अपनी उपज भी बेच नहीं पा रहे हैं। इधर प्रबंधन द्वारा अब तक व्यवस्था सुधारा नहीं जा सका है। जिसके चलते किसानों में आक्रोश है। मामले की जानकारी मिलने पर विधायक संगीता सिन्हा ने भी कहा है कि अगर जल्द से जल्द किसानों की समस्या हल नहीं हुई तो हम इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेंगे।

पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा ने जब पेराई बंद होने के कारणों के बारे में पूछा तो अधिकारियों से जवाब मिला कि तकनीकी दिक्कत है, कारखाना के मशीनों की पूरी चेकिंग एक बार और होगी। बाहर से इंजीनियर आएगा तभी कारखाना में पेराई शुरू हो पाएगा तो सवाल यही उठता है कि पेराई सीजन का शुभारंभ जब 5 दिन पहले शुरू किया गया तो क्या इन दिक्कतों पर ध्यान नहीं दिया गया। अगर ऐसा ही था तो पूरी व्यवस्था बन जाने के बाद पेराई शुरू कराते, इस तरह किसानों को परेशान नहीं होना पड़ता। पर जिस तरह से किसान अपनी उपज बेचने के लिए आज भटक रहे हैं यह प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करता है। किसानों ने कहा कि एक तो क्षेत्र में कारखाना होने के बावजूद गन्ना का रकबा कम है। प्रबंधन की लापरवाही और उदासीनता के चलते गन्ने की खेती में कई किसान दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। पर जो लोग धान के बजाय गन्ने की खेती कर रहे हैं, उन्हें अपनी उपज को बेचने में इस तरह परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है।

दिसंबर 2009 से संचालित है यहां कारखाना

बालोद जिले में मां दंतेश्वरी सहकारी शक्कर कारखाना करकाभाट में स्थित है, जो दिसंबर 2009 से संचालित है। यह कृषि-आधारित उद्योग है और इस क्षेत्र के किसानों के लिए गन्ने की खेती को बढ़ावा देता है, लेकिन गन्ने की कमी और धान की खेती के प्रति किसानों के झुकाव के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है। पर जो किसान गन्ना लगा रहे हैं उनकी उपज समय पर भी प्रबंधन खरीद नहीं पा रहा है। हर साल किसी न किसी तरह की समस्या के चलते पेराई प्रभावित होती है। तो गन्ना बेचने के बाद समय पर किसानों को भुगतान भी नहीं हो पाता। अब देखने वाली बात होगी कि वर्तमान समस्या का हल कब तक निकल पाता है।

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