साइबर क्राइम का बढ़ा खतरा, जिले के शिक्षकों को आ रहे हैं फर्जी काल, सरकारी एप द्वारा जानकारी लीक होने का अंदेशा



बालोद । बालोद जिले के शिक्षा विभाग में कार्यरत सैकड़ों शिक्षकों को इन दिनों फर्जी काल ने परेशान कर रखा है। जो शिक्षकों को फोन करके उनके व्यक्तिगत जीवन व शिक्षकीय जीवन पर लांछन लगाने व धमकी देने का काम कर रहा है। जिससे शिक्षक समुदाय में रोष व्याप्त है तथा कुछ शिक्षकों ने साइबर सेल व थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।

इस मामले में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में शिक्षकों को मोबाइल पर लगातार अज्ञात नंबर से फोन आ रहे है। काल करने वाला स्वयं को विभागीय स्टाफ का परिचित, सहकर्मी,जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कर्मचारी अथवा मुख्य संचालक दुर्ग का अधिकारी बताता है और इमरजेंसी में तत्काल पैसे ट्रांसफर करने की मांग करता है। तो कभी ट्रांसफर करने की धमकी देता है व कभी कभी गाली गलौज व अश्लील बातें भी करता है। यह जालसाज शिक्षकों के नाम, मोबाइल नंबर,पद तथा संस्था की पूरी जानकारी रखता है। जिले में सैकड़ों शिक्षकों को फर्ज़ी काल कर चुका है। इसके फर्जी काल के शिकार सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता तथा प्राचार्यो तक को यह अपना शिकार बना चुका है। प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख के अनुसार इस जालसाजी का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इस अपराधी के पास शिक्षकों के नाम,पद, संस्था, मोबाइल नंबर सहित तमाम निजी जानकारी मौजूद है। यह मामला शिक्षकों व शिक्षा विभाग के लिए चिंता का सबब बन गया है क्योंकि न केवल कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में है, बल्कि विभाग की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो रही है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन जिला बालोद के जिलाध्यक्ष एलेन्द्र यादव का कहना है कि उनके निजी डेटा का दुरुपयोग कर साइबर ठग विभाग के नाम पर जालसाजी कर रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने विभाग पर भी आरोप लगाया कि समय-समय पर हम शिक्षकों से तमाम एप हमारे निजी मोबाइल पर डाउनलोड करवाएं जाते हैं जबकि हमें ना ही मोबाइल भत्ता दिया जाता है और ना ही हमको सरकारी मोबाइल ही उपलब्ध कराया जाता है तथा हम शिक्षकों का डेटा विभाग के ही किसी एप से चोरी हुआ है। विभाग की ओर से हम शिक्षकों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने में लापरवाही बरती गई है। इस गंभीर मामले के बावजूद शिक्षा विभाग इस पर कोई कार्रवाही या जांच शुरू नहीं कर रहा है। बालोद ब्लाक के भूतपूर्व ब्लाक अध्यक्ष खिलानंद साहू का कहना है कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों की निजी व व्यक्तिगत जानकारी विभिन्न आनलाइन एप में दर्ज की गई है। इनसे ही शिक्षकों का निजी डेटा चोरी हो रहा है। शिक्षा विभाग इस जालसाजी व फ्राड काल पर संज्ञान लेना चाहिए और शिक्षकों के आनलाइन कार्य करने के लिए अलग से मोबाइल दिया जाए तथा शिक्षकों के आनलाइन रिकार्ड को सुरक्षित रखने के पुख्ता इंतजाम किया जाए। सभी शिक्षकों से यह अपील भी किया है कि अनजान लिंक व अनजान नंबर से सावधान रहें। प्राप्त जानकारी के अनुसार बालोद जिले के डौण्डी ब्लाक से शिकायतें ज्यादा आई है तथा वहां के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी ने एक समाचार भी प्रसारित करवाया है कि 7318137932 इस फर्जी नंबर का काल न उठाए, यह किसी जालसाज का नंबर है। इसी तरह बालोद ब्लाक में भी तीन चार दिनों से इसी नंबर तथा 8602644387 नंबर पर भी फर्जी काल आ रहा है तथा बालोद ब्लाक के कुछ शिक्षकों ने शिकायत दर्ज करवाई है जिनमें शिक्षक होमन लाल साहू,चोवा राम देशलहरे,लीना मिश्रा इन लोगों के पास भी ऐसे फ्राड व फर्जी काल आए थे। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन अपने सभी शिक्षक साथियों से अपील किया है कि ऐसे किसी भी फर्जी काल से बात न करें, न ही किसी अनजान लिंक को खोले। इससे आपके डिजिटल अरेस्ट होने तथा एकाउंट खाली होने का खतरा है।

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