भाजपा सरकार आम जनता की नहीं, व्यापारिक मित्रों की हितैषी सरकार – पंकज जैन (जिला मीडिया प्रभारी बालोद)
सरकार पहले धान को मंडी में सड़ाती है और उसे शराब बनाने वाले अपने व्यापारी दोस्तो को बांटती है,लेकिन उसी धान का उठाव कर आम नागरिक किसान मजदूर को बांटने में पीछे हटती है, क्या है राज ?- पंकज जैन (जिला मीडिया प्रभारी बालोद)
बालोद। केंद्र सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) राशन कार्ड धारकों की संदिग्ध सूची जारी होते ही पूरे प्रदेश में हितग्राहियों में खलबली मच गई है। इस सूची में उन 1.31 लाख लोगों को शामिल किया गया है, जिनके पास ढाई एकड़ (2.47 एकड़) से ज्यादा जमीन है। बताया जा रहा है कि जल्द इनके राशन कार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। लोगों में डर का माहौल हितग्राहियों के चेहरे पर चिंता साफ देखी जा सकती थी। उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि अगर उनका राशन कार्ड निरस्त हो गया तो परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयुक्त सचिव दीपक आरदे ने गंभीरता दिखाते हुए कहा कि हम किसान मजदूर श्रमिकों के साथ डट कर खड़े है,हितग्राहियों के साथ गलत हो रहा है,उनके लिए हम जमीनी स्तर पर लड़ेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में बैठी भाजपा की दो इंजनों की सरकार,किसानों और गरीबों का पूर्ण रूप से अहित कर रही। भाजपा सरकार गरीबी की जगह गरीबों को मिटाने वाली पार्टी है। गरीबों से अनाज छीन कर उन्हीं अनाजों का स्टॉक करवाएगी अपने व्यापारी मित्रो से जिससे खाद्य सामग्री की कमी मार्केट में हो और मांग अधिक पूर्ति कम कर इन्हीं अनाजों की गाढ़ी कमाई कर उसे ज्यादा कीमत में बेची जाए, जिससे गरीब और गरीब होता जाए और इनके मित्रगण अंबानी अडानी की गोद में पैसों की बारिश हो, जिनसे इन्हें चुनाव के समय फायदा पहुंचे और वर्तमान में इनकी अनावश्यक खर्चों का वहन हो पाए।
गरीबी मिटाने छग की जनता ने भाजपा की सरकार बनाई लेकिन आज इन्हीं के साथ शोषण होने लगा,इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा और इस मामले में पूरे प्रदेश की जनता साथ देगी। उक्त मामले पर आम आदमी पार्टी बालोद जिला मीडिया प्रभारी पंकज जैन ने गंभीरता दिखाते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो हम सड़क पर बैठेंगे और जनता को उनका हक अधिकार दिलाएंगे,भाजपा सरकार गरीबों के मुंह का निवाला छिन अपने व्यापारी मित्रो को खीर खिलाना चाहती है,और इसी कारण यह नियम लाया गया है। सरकार चाहती तो मंडी में धान को सड़ने न देती उसका रख रखाव और उठाव समय पर करती जिससे अनाज सुरक्षित होता और आम लोगों के पास पर्याप्त मात्रा में अनाज पहुंचता। धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में मार्केट में अगर चांवल लो तो वह अत्यधिक कीमतों में मिलता है,ऐसा क्यों..? क्या है राज..? धान को सड़ा कर अपने शराब बेचने वाले मित्रमंडल को भाजपा सरकार चांवल बांट सकती है लेकिन छत्तीसगढ़ के आम किसानों के साथ छलावा करने में कोई चूक नहीं छोड़ रही। क्या यही है सुशासन,गरीबों को भूखा रख गद्दी पर बैठना। छत्तीसगढ़ वह प्रदेश है जहां लोग खुद भूखे रहते है और पहुंना को खाना खिलाते है,यह वो धरती है जो धरती को मां कहती है,अन्न देवताओं के मुंह से अन्न का निवाला छीनने से पहले प्रदेश के मुखिया को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
