विश्व पर्यावरण दिवस पर डाक टिकट के जरिए डॉक्टर प्रदीप जैन जनता को दे रहे संदेश: प्रदूषण भावी पीढ़ी हेतु अभिशाप



बालोद। प्रतिवर्षनुसार इस वर्ष भी 5 जून को सारे विश्व में पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ज़मीन का संरक्षण कर सुखा मरुस्थल बनने से बचाव है।आइ एम ए बालोद के अध्यक्ष एवम् वरिष्ठ डाक टिकट संग्राहक डॉ प्रदीप जैन भी लोगों को अपने तरीके से जागरूक कर रहें हैं। बालोद के मुख्य डाकघर में डाक टिकट प्रदर्शनी के जरिए वे लोगों को पर्यावरण का महत्व और प्रदूषण से होने वाले नुकसान के बारे में बतला रहे हैं।

डॉ प्रदीप जैन ने बताया की बीमारियों एवं मृत्यु के कारणो में तीसरा सबसे बड़ा कारक प्रदूषित वायु, जल व ख़ान पान से होने वाली बीमारियाँ हैं। अतः इनसे बचाव के उपायों को हम सभी का जानना आवश्यक है। वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बढ़ते उद्योग एवं वाहनो और विशेष कर पुराने कंडम वाहनो का धड़ल्ले से उपयोग हमारी सासों का दम घोट रहा है। श्वांस लेना यदि जीवन के लिए आवश्यक है तो उसके लिए साफ़ एवं सुरक्षित वातावरण को बनाए रखना हमारी ही ज़िम्मेदारी है। इसके लिए हमें सार्वजनिक वाहनो के उपयोग को प्राथमिकता देनी चाहिये। यदि हमने अपनी उपजाऊ धरा व पानी को संरक्षित नहीं किया तो इसके दुष्परिणाम हमारी भावी पीढ़ी को झेलने होंगे। इन्ही सारी बातों पर जन सामान्य में जागृति हेतु स्थानीय बालोद पोस्ट ऑफ़िस में डॉ प्रदीप जैन द्वारा डाक टिकटों की प्रदर्शिनी लगायी गयी है । जिसमें विश्व के विभिन्न देशों द्वारा समय समय पर पर्यावरण सुरक्षा एवं जागरूकता को लेकर किये कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गयी है । धरती, नदियां, तालाब ये प्यारे,सब के सब हैं दोस्त हमारे। इन सबको संरक्षित रखना,सबको है सुरक्षित रखना। यही है अब कर्तव्य हमारा,पेड़ बचाए जीवन सारा।

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