बालोद। ग्राम किल्लेकोडा के पावन धरा पर विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी सिन्हा डढसेना समाज द्वारा राजराजेश्वर भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की जयंती मनाई गई ।

कार्यक्रम के मुख्य तिथि कमलू राम सिंन्हा मंडलेश्वर कुसुम थे ।
अध्यक्षता श्रीमती ललिता गांवरे सरपंच किल्लेकोडा ने किया। विशेष अतिथि के रूप में वीरेंद्र कुलहार्य( पूर्व उपसरपंच) योधन कोलियारा ,मन्नू लाल विश्वकर्मा ,भागीरथी भंडारी, गीता बाई (पंच) ,चुरामन सिन्हा, चिपरा, मिलन सिन्हा, धन्नु राम सिन्हा कुसुकसा यादव राम (कोटवार), श्रीमती मां भाई कोला श्याम सिंह शोरी तथा शालिक राम गांवरे थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की तेल चित्र की पूजा अर्चना के साथ हुआ तत्पश्चात सामाजिक बंधुओं द्वारा उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए वीरेंद्र कुल्हार्य ने कहा कि –सिन्हा समाज यहां अल्पसंख्यक होने के बावजूद बहुत ही अच्छे ढंग से कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं, मेरी ओर से पूरे समाज को ढेर सारी शुभकामनाएं ।
श्रीमती ललिता गांवरे ने अपने अध्यक्षीय भाषण के दौरान कहा कि -भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन भगवान विष्णु की 24 में अवतार थे जिन्होंने– राजपूतों की रक्षा व समाज के उत्थान के लिए जन्म लिए थे, जिनकी जयंती आज सिन्हा समाज द्वारा मनाई जा रही है मेरी ओर से गड़ा गड़ा बधाई। मुख्य अतिथि के आसंदी पर बोलते हुए कमलू राम सिन्ह ने कहा कि- सहस्त्रबाहु अर्जुन की जयंती कार्तिक मास के सप्तमी को प्रतिवर्ष मनाई जाती है क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु ने सहस्त्र बाहु के रूप मे 24वें अवतार के रूप में जन्म लिए थे। उक्त कार्यक्रम का संचालन व संपादन डॉ .बी एल साहसी ने अपने संचालन के दौरान कहा कि –भगवान विष्णु के 24 वें अवतार के रूप में महाराज के दसवीं पीढ़ी में माता पद्मिनी की गर्भ से हुआ था। उनके बचपन का नाम एक वीर तथा सहस्त्र था ।जिसकी जयंती क्षत्रियों की रक्षा व सामाजिक उत्थान के लिए हुआ था। इस अवसर पर कुमारी प्रेरणा, कुमारी भूमिका और कुमारी ईशा के द्वारा मनमोहक नित्य प्रस्तुत की गई और इस अवसर पर आभार प्रदर्शन धन्नू सिन्हा ने किया अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्य समापन की घोषणा की गई।
