DAILY BALOD NEWS

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चोरी के दो मामलों में बालोद पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा, अटल विहार कॉलोनी में चोरी करने वाला निकला स्थानीय सिवनी का ग्रामीण, तो चोरी के आभूषण बेचने वाला सदर बाजार में पकड़ाया

बालोद। बालोद पुलिस ने शनिवार को चोरी के दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। एक मामला तो स्थानीय सिवनी के अटल विहार कॉलोनी से जुड़े चोरी का था। जिसमें फिलहाल पुलिस को एक आरोपी पकड़ने में सफलता हासिल हुई है। जो कि सिवनी का ही रहने वाला टेमन यादव पिता नंदराम यादव उम्र 47 वर्ष है। विगत दिनों अटल विहार कॉलोनी से मकान में चोरी हुई थी। जहां उक्त घटना को अंजाम देने की बात आरोपी द्वारा कही गई है। आरोपी से ज्यादा माल की बरामदगी नहीं हो पाई। सिर्फ 1430 नगदी मिले हैं। लेकिन पूछताछ में आरोपी आधी अधूरी जानकारी दे रहा है। जिससे मामले में और भी कई खुलासे होने की उम्मीद पुलिस को है।जब आरोपी के घर पुलिस ने तलाशी ली तो उनके घर से बहुत सारे संदिग्ध सामान भी मिले हैं। जो चोरी के हो सकते हैं। पुलिस उक्त मामले की जांच भी कर रही है। ऐसा अनुमान है कि उसने और भी कई जगह चोरी की है। इसके साथ और भी साथी हो सकते हैं जिनकी तलाश जारी है।

आभूषण बेचने सदर बाजार आया था राजनांदगांव जिले का व्यक्ति, पुलिस ने पकड़ा

इसी तरह सदर बाजार बालोद में चोरी का आभूषण बेचने के नाम से घूम रहे व्यक्ति आजेन्द्र मिश्रा पिता राजेंद्र मिश्रा निवासी सिघौरी, चौकी जालबांधा, जिला राजनांदगांव को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जोकि राजनांदगांव जिले से यहां आकर चोरी का आभूषण बेच रहा था। पुलिस ने उसके पास से 4 नग सोने की पत्ती कीमती 7300 व चांदी के पायल कीमती 2500, कुल ₹9800 का जेवर बरामद किया। पूछताछ में ज्ञात हुआ कि इनका पिता भी चोरी के आरोप में जेल में बंद है। बालोद पुलिस इनकी तलाश लगभग 8 माह से कर रही थी जो लाटाबोड़ में बाइक चोरी कर फरार थे। सामान चोरी कर बाप बेटे दोनों उसे अलग-अलग जगह बेच देते थे। इसी जेवर चोरी केस में सुपेला में इसका पिता गिरफ्तार हुआ है। जो दुर्ग जेल में है। वही यह बालोद क्षेत्र में आकर चोरी के माल बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा था। आजेंद्र मिश्रा का ससुराल बालोद थाना क्षेत्र का ही दानी टोला गांव है। पूछताछ में पहले तो कहने लगा कि ससुराल वालों का जेवर है। जब दानीटोला जाकर उसके रिश्तेदार से पुलिस मिली तो मालूम हुआ कि वह तो यहां कई महीने से आया ही नहीं है। ना ही उन्हें कोई जेवर लाने या बेचने दिया है। संदिग्ध बयानों के आधार पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो फिर आरोपी ने सच उगला। टीआई नवीन बोरकर के निर्देशन में उक्त आरोपी के गिरफ्तारी में एएसआई धरम भुआर्य, मेजर बीएन कामड़ी, आरक्षक छन्नू बंजारे विवेकानंद धीर, पूनम खरे, अशोक की भूमिका रही।

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