DAILY BALOD NEWS

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विद्युत वितरण कंपनी ने बदले नियम, कहीं बढ़ेगा बिजली बिल तो कहीं कुछ राहत, किसानों के लिए किए गए नियमों में काफी बदलाव

बालोद। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नया टैरिफ आदेश जारी कर दिया गया है। जिसकी कुछ विशेषताएं हैं तो कुछ कमियां भी। इससे बिजली बिल में कुछ इजाफा तो होगा ही तो वहीं कुछ वर्गों को इससे राहत भी मिलेगी। खासतौर से कृषि के क्षेत्र में राहत दी गई है। जिससे किसानों को लाभ हो सकता है ।कोरोना काल के कारण विद्युत वितरण कंपनी द्वारा चार्जेस नहीं बढ़ाया गया था लेकिन अब वे चार्ज बढ़ा रहे हैं इससे कुछ हद तक आर्थिक बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। बालोद जिले के विद्युत वितरण कंपनी के अफसरों के मुताबिक
. रु. 5000 से अधिक के विद्युत देयक का ऑनलाईन भुगतान अनिवार्य किया गया है। 5000/- से कम विद्युत देयक का ऑनलाईन भुगतान में छूट प्रदान करने के लिए विद्युत कंपनी को आयोग द्वारा निर्देश दिया गया है। तो वहीं अनियमित बिलिंग से उपभोक्ताओं को होने वाले परेशानी को सज्ञान में लेते हुए आयोग द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि लगातार तीन माह तक मीटर रीडिंग के आधार पर विद्युत बिल नहीं जारी करने की स्थिति में संबंधित कार्यपालन अभियंता (ईई) का अनुमोदन प्राप्त कर ही

ऐसे उपभोक्ताओं को एकमुश्त बिल जारी किए जा सकेंगे।
पैरलल आपरेशन चार्जेस (POC) को 4 पैसे प्रति यूनिट से बढ़ाकर 13 पैसे प्रति यूनिट किया गया है।

निम्नदाब उपभोक्ता के लिए यह नियम

• घरेलु उपभोक्ता के विद्युत दरों की पुर्नसंरचना

वर्तमान में लागू सिगल फेज के उपभोक्ताओं हेतु संबद्ध भार की सीमा को 3 किलोवॉट से बढ़ाकर 5 किलोवॉट किया गया है।

घरेलू उपभोक्ताओं के वर्तमान में प्रचलित टेरिफ संरचना में विश्लेषण उपरांत आयोग द्वारा इस संवर्ग के उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ की पुर्नसंरचना की गई है।

नियत प्रभार (फिक्स्ड चार्ज ) खपत के आधार पर लिया जाता था जिसे परिवर्तित कर अब कनेक्टेट लोड एवं टेलिस्कोपिक आधार पर लिया जायेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जा रहे गौठान को घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत प्रदाय श्रेणी में रखा गया है।

अनियमित बिलिंग से उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानियों से मिलेगी इस तरह राहत

लगातार तीन माह तक मीटर रीडिंग आधारित बिल जारी नहीं होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को जारी किए जाने वाले एकमुश्त बिल, संबंधित कार्यपालन अभियंता के अनुमोदन उपरांत ही जारी किया जाएगा। उपभाक्ताओं की जानकारी हेतु सभी विद्युत देयकों में स्लैब अनुसार विद्युत दर का उल्लेख किया जायेगा।

उपभोक्ताओं के बिल में रिकॉर्डेड डिमांड का उल्लेख अनिवार्य किया गया है।

घरेलू उपभोक्ता के लिए ये खपत तय

90 प्रतिशत उपभोक्ताओं द्वारा 60 प्रतिशत, 10 प्रतिशत उपभोक्ताओं द्वारा 40 प्रतिशत की विद्युत खपत, 64 प्रतिशत उपभोक्ताओं की मासिक खपत 100 यूनिट से कम है। वर्तमान में समाज कल्याण गतिविधियों के संचालन करने वाले संस्थाओं के लिए प्रचलित घरेलू विद्युत दर, नशामुक्ति केन्द्र पर भी जारी रहेगी।

घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में मामूली वृद्धि की गई है। अफसरों के अनुसार विगत वर्षों में राजस्व आवश्यकता के अधिक होने के अनुमान स्वरूप वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में विद्युत दरों में पर्याप्त कमी की गई थी। वर्ष 2020-21 में राजस्व की कमी की अनुमान लगाया गया था परन्तु कोविड-19 महामारी के फलस्वरूप उत्पन्न परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए विद्युत दरों में वृद्धि न करते हुए दरों को यथावत रखा गया था। विगत तीन वर्षों के लेखा-जोखा के विचार उपरांत वर्तमान में विद्युत दरों में वृद्धि की निवांत आवश्यकता है इसलिए इस श्रेणी के उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में यथोचित वृद्धि की गई है।

कृषि एवं कृषि संबंधित उपभोक्ताओं के लिए ये राहत

गैर सबसिडी वाले कृषि विद्युत पंप वाले उपभोक्ताओं पर विद्युत दरों का भार न डालते हुए उनके ऊर्जा प्रभार में यथोचित छूट देते हुए वर्तमान में प्रभावशील 10 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया है।

एक वर्ष में एक से अधिक बार अस्थायी विद्युत कनेक्शन के लिए प्रक्रिया का सरलीकरण: बार-बार दस्तावेजी औपचारिकताओं से मुक्ति पूर्ववत जारी रहेगी।

खेती की रखवाली के लिए कृषि पंप के समीप प्रचलित 100 वॉट लोड के स्थान पर 100 वॉट के लाईट एंड फैन के लोड का प्रावधान रहेगा।
कृषि पंपों के विद्युत भार में एकपक्षीय वृद्धि से राहत मिलेगी। ऐसे सभी प्रकरणों में किसानों को
सुनवाई का समुचित अवसर देने के पश्चात् ही विद्युत भार में वृद्धि की जा सकेगी।

गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अब यह प्रावधान

गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए वर्तमान में लागू सिंगल फेज हेतु संबद्ध भार की सीमा को 3 किलोवॉट से बढ़ाकर 5 किलोवॉट किया गया है। इस श्रेणी के उपभोक्ताओं हेतु स्थाई प्रभार एवं ऊर्जा प्रभार को युक्तिसंगत करते हुए विद्युत दरों में मामूली वृद्धि की गई है।

पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रीकल व्हीकल चार्जिंग इकाईयों (Electrical Transport system) हेतु इलेक्ट्रीकल व्हीकल चार्जिंग की विद्यमान टेरिफ रुपये 5/- प्रति यूनिट जारी रखा गया है।

महिला सशक्तिकरण हेतु पंजीकृत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित कृषि एवं संबंधित गतिविधियों और व्यवसायिक गतिविधियों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट जारी रखी गई है।

सुदुर नक्सल प्रभावित जिलों में लगने वाले मोबाईल टॉवर के ऊर्जा प्रभार में 50 प्रतिशतकी रियायत जारी रहेगी।

अनियमित बिलिंग से उपभोक्ताओं को होने वाले परेशानी को संज्ञान में लेते हुए आयोग द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि लगातार तीन माह तक मीटर रीटिंग के आधार पर विद्युत बिल नहीं जारी करने की स्थिति में संबंधित कार्यपालन अभियंता (ई. ई.) का अनुमोदन प्राप्त कर ही ऐसे उपभोक्ताओं को एकमुश्त बिल जारी किए जा सकेंगे।

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