दूसरे जिले से पंजीकृत वाहन फिटनेस का काम बालोद जिला में ही करवाने की मांग, ट्रक मालिक गुड्स परिवहन ने सौंपा ज्ञापन



बालोद। ट्रक मालिक गुड्स परिवहन संघ जिला बालोद ने जिले मे स्थित परिवहन कार्यालय में पुनः वाहनो का फिटनेस बनाने की मांग की। छत्तीसगढ़ परिवहन आयुक्त रायपुर से बालोद परिवहन आयुक्त के माध्यम से ये मांग रखी गई। क्योकि बालोद के वाहन जिले में परिवहन कार्यालय चालू नही होने के पूर्व में दूसरे जिलों से पंजीकृत है ,जबकि आज के सभी कार्य ऑनलाइन के माध्यम से हो रहा फिर फिटनेस नही बन रहा है। जबकि पूर्व में चालू हो गया था। अभी कुछ महीनो से फिटनेस बनना बन्द कर दिया गया है इस वजह वाहनो मालिको को इंधन एवं समय का अतिरिक्त मार पड़ रहा है ।बालोद जिले के वाहन मालिक शासन-प्रशासन से मांग करते है कि आज के महंगाई के समय फिटनेस बनाने का कार्य बालोद परिवहन कार्यालय में पुनः चालू किया जाए। परिवहन संघ के अध्यक्ष विपिन दिवान ,उपाध्यक्ष सतीश यादव ,कोषाध्यक्ष मधुसूदन मंत्री, सहसचिव राजू साहू, लखनसिंह गौतम, हरचरण सिंह कत्याल, कृष्णा दुबे, कौशल पटेल ,ओमप्रकाश गुप्ता, सुनील गौतम ,नरेन्द्र शर्मा, सन्दीप राजा चौहान, पवन गुप्ता, मुरली दुबे, संतोष शर्मा, प्रफुल पटेल, प्रदीप पांडेय ,भवानीशंकर शर्मा, गौरव गोयल, पेखनसाहू, सन्तोष साहू, केतन पटेल, नरेंद्र पटेल, सन्तोष भूतड़ा, राजू यादव ,सचिव मनोज चांडक एवं संघ के समस्त सदस्य ने उक्त मांगे की है।

इस तरह से आ रही है दिक्कत

पुराने वाहन दूसरे जिलों से पंजीकृत होने के कारण फिटनेस प्रमाण पत्र को अपडेट करवाने में वाहन मालिकों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है। ऐसे ही अभी काम न मिलने से बेरोजगारी का संकट है। जिससे ट्रक गुड्स परिवहन संघ परेशान है और इसको लेकर भी लगातार शासन प्रशासन से काम दिलाने की मांग भी कर रहे हैं। उस पर फिटनेस का नवीनीकरण करवाने के लिए उन्हें दूसरे जिले में जाना पड़ सकता है। जबकि जिले में आरटीओ कार्यालय खुल चुका है। जबसे जिला बना है तब से कार्यालय है इसलिए ट्रक परिवहन संघ की मांग है कि पहले जो पंजीयन दूसरे जिले से हुआ था वह भी अब यहीं से कराया जाए। ताकि हमें भागदौड़ न करनी पड़े और हमारा काम अपने जिले से ही हो सके और समय पर काम हो और अगर हमें कहीं कोई काम मिलता है तो हम पूरे सही दस्तावेजों के साथ अपने ट्रकों को चलवा सके। अगर विभाग द्वारा यह सुविधा जिले में दी जाती है तो ट्रक मालिकों को काफी राहत मिलेगी। ज्ञात हो कि यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए लगातार पुलिस प्रशासन द्वारा खासतौर से मालवाहक वाहनों का फिटनेस चेक किया जाता है अगर सही प्रमाण पत्र नहीं होते हैं उनके ऊपर कोर्ट द्वारा कानूनी कार्रवाई भी की जाती है। जहां उन्हें जुर्माना भी पटाना पड़ जाता है इन सबसे बचने के लिए वाहन मालिक चाहते हैं कि हमारे पास फिटनेस प्रमाणपत्र अपडेट रहे इसके लिए जरूरी है कि शासन प्रशासन का भी सहयोग मिले और जिले में ही आरटीओ कार्यालय में उनका काम हो सके इन सब मुद्दों और समस्याओं को लेते हुए संघ द्वारा मांग की जा रही है।

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