बालोद। सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए अब जिले में भी पुलिस प्रशासन पेट्रोल पंप संचालित करेगी। अन्य बड़े शहरों की तर्ज पर यहां भी एक पेट्रोल पंप ऐसा होगा, जिसे निजी कंपनी या व्यक्ति नहीं बल्कि पुलिस वाले चलाएंगे। बालोद सहित अन्य जिले में जल्द ही पुलिस का पेट्रोल पंप खोलने गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने निर्देश दिए हैं जिसके बाद इसकी तैयारी शुरू हो गई है हालांकि पूर्व में भी तत्कालीन आईजी ने 2 साल पहले हुई बैठक में तत्कालीन एसपी आईके एलिसेला से प्रस्ताव मंगाया था। लेकिन जमीन हस्तांतरण ना होने के चलते अभी भी मामला लटका हुआ है तो अब गृह मंत्री के निर्देश के बाद इस दिशा में नए सिरे से तैयारी शुरू हो गई है ।गृह मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस में सभी रेंज के आईजी के जरिए एसपी तक भी यह निर्देश पहुंचाया है कि पेट्रोल पंप के साथ पुलिस विभाग का स्कूल और अस्पताल खोलने पर जल्द से जल्द काम शुरू किया जाए तो उन्होंने लंबित कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए भी कहा है। निर्देश के बाद स्थानीय पुलिस पंप डालने के लिए सही लोकेशन तलाशने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल अभी तय नहीं हुआ है कि किस इलाके में कहां पर पुलिस का पेट्रोल पंप रहेगा। जगह चयन होते ही एसपी, आईजी को प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए भेजेंगे। एक करोड़ की अनुमानित योजना के तहत पंप स्थापना का काम होगा। एचपी या इंडेन दोनों में से कोई कंपनी का इंधन इस पंप में मिलेगा।
इस तरह से होगा संचालन
पुलिस के अधिकारियों ने बताया शहर में यह पहला पेट्रोल पंप होगा, जिसे पुलिस विभाग संचालित करेगा। संचालन पुलिस वेलफेयर सोसायटी करेगी, जो भी लाभांश आएगा, वह पुलिस वेलफेयर में खर्च करेंगे। करीब एक करोड़ की लागत से इस पंप की स्थापना होनी है। अभी जगह का निर्धारण नहीं हुआ है। भिलाई, कोरबा, बिलासपुर सहित अन्य बड़े जिलों में ऐसा पंप पहले से संचालित है। पुलिस वेलफेयर सोसायटी की योजना है कि हर जिले में उनका एक पंप हो।
इस तरह से होगा फायदा
इस पंप से लोगों को मिलावट रहित और सही माप में पेट्रोल-डीजल मिल सकेगा। पंप ऐसे स्थान पर रहेगा, जहां आवागमन ज्यादा हो और आसपास अन्य पंप न हो। पंप से होने वाली आय को लोगों की मुलभूत सुविधाओं के लिए भी खर्च किया जाएगा। विविध सामाजिक व अन्य कार्यों के लिए पुलिस के पास फंड की व्यवस्था भी इसी आय के स्रोत से होगी। आम तौर पर शिकायत रहती है कि पुलिस के पास फंड की समस्या है। पंप में पुलिस वाले खुद काम न कर अन्य युवाओं को काम पर रखेंगे। इससे रोजगार भी मिलेगा।
स्कूल व अस्पताल खोलने से इस तरह मिलेगा फायदा
पुलिस विभाग का स्वयं का स्कूल और अस्पताल खोलने से पुलिस के एक एक जवान व उनके परिवार के सदस्यों को लाभ मिलेगा। पुलिस के जवानों के बच्चे उसी स्कूल में कम फीस पर पढ़ सकेंगे तो वहीं उन्हें इलाज कराने के लिए भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समय पर पुलिस लाइन परिसर में ही अस्पताल या क्लीनिक होने से वे वहीं पर इलाज करवा सकेंगे। इससे पुलिसिंग व्यवस्था में भी सुधार आएगा तो वही पुलिस के हर जवान और अधिकारियों का हौसला भी बढ़ा रहेगा।
