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90 रुपये हुआ पेट्रोल का दाम तो साइकिल से वैक्सीन लेकर पहुंचे कर्मचारी, अब ऐसे ही लाएंगे

जगन्नाथपुर/बालोद | लगातार बढ़ते पेट्रोल डीजल के दाम से जनता हलाकान है तो वही कर्मचारी तक भी इससे अब आहत होने लगे हैं। विभिन्न कर्मचारी संगठन सरकार से अपनी गुहार भी लगा रहे हैं कि उन्हें उनका वेतन, मानदेय बढ़ाया जाए और अन्य सुविधा दी जाए। पर सुनवाई नहीं हो रही है। इसी के चलते पेट्रोल के बढ़ते दाम को देखते हुए अब गांव के अस्पतालों में वैक्सीन पहुंचाने वाले कर्मचारी बाइक के बजाय साइकिल से ही अस्पताल पहुंचेंगे। इसकी शुरुआत मंगलवार से की गई। हफ्ते में 2 दिन मंगलवार और शुक्रवार को सभी सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण का दिन होता है। जहां उन्हें 10 बजे या इससे पहले टीका ब्लॉक मुख्यालय के अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर पहुंचाना रहता है। पर अब कर्मचारी सरकार द्वारा सुनवाई ना होने पर बाइक के बजाए साइकल से ही टीका पहुंचाने का काम करेंगे। इससे टीका पहुंचाने में देरी तो होगी ही, टूट फुट का भी खतरा रहेगा। पर सरकार द्वारा उनकी ना सुनने के चलते यह कदम उठाया जा रहा है।

सांकरा ज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टीका की पेटी लेकर पहुंचे गिरीश देशमुख ने बताया कि हमें एक पेटी के बदले उसे अस्पताल पहुंचाने पर 90 रुपये परिवहन चार्ज मिलता है। आज पेट्रोल का रेट ही 90 रुपये हो गए हैं। तो भला हम कैसे गुजारा करेंगे। सरकार को भत्ता बढ़ाने की मांग कई बार कर चुके हैं। पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संघ के सचिव तुलसीराम बंजारे ने कहा छत्तीसगढ़ वैकल्पिक वैक्सिन वितरण कार्यकर्ता संघ द्वारा अब साइकिल में वैक्सीन ले जाने का निर्णय लिया गया है। शासन को अपनी समस्या को लेकर अवगत कराने हेतु कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री को आवेदन दे चुके हैं। पर हमारी मांग अभी तक पूरी नहीं की गई है। इसलिए यह फैसला लिया गया है। चाहे वैक्सीन पहुंचाने में कितनी भी देर क्यों ना हो, हम इसी तरीके से ही अब वैक्सीन ले जाएंगे। जहां हम 10 बजे बाइक से वैक्सीन लेकर पहुंचते थे वहां आज 12 बजे वैक्सीन पहुंची है। पेट्रोल का रेट दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है ऐसे में गुजारा भी मुश्किल हो रहा है। अगर हम प्रति पेटी मिलने वाले 90 रुपये का पेट्रोल डलवाकर गाड़ी तो चला लेंगे, पर  अपना घर कैसे चलाएंगे? इसलिए अब इसी तरीके से हम वैक्सीन पहुंचाएंगे। सभी गांव के अस्पतालों में आज इसी तरीके से वैक्सीन पहुंचाने का काम किया गया। शुक्रवार को भी इसी तरह वैक्सीन लाएंगे।

इन मांगों पर दे चुके हैं आवेदन

संघ के अध्यक्ष भोलेश्वर प्रसाद, उपाध्यक्ष रणजीत सिन्हा, कोषाध्यक्ष डोमेन्द्र कुमार ने बताया कि  वैकल्पिक वैक्सीन वितरण कार्यकर्ता संघ द्वारा एक निश्चित मासिक मानदेय प्रदान करने के लिए सरकार को ज्ञापन दिया जा चुका है। उस ज्ञापन में हमने जिक्र किया है कि शासन द्वारा संचालित स्वास्थ्य मिशन के टीकाकरण योजना के तहत हम वैक्सीन लाने एवं ले जाने का कार्य करते हैं। क्योंकि यह कार्य मंगलवार और शुक्रवार को 2 दिन पीएचसी से वैक्सीन व जरूरी प्रपत्र लेकर फील्ड में अपने सेक्टर के प्रत्येक से सेक्शन में उपस्थित ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं एमएफ के पास वैक्सीन देते हैं। वापसी शाम 4 बजे के बाद सीएचसी, पीएचसी कोल्ड चैन होल्डर के पास फ्रीजर में वैक्सीन वापस करते हैं। जिससे पूरा दिन इसी कार्य में चला जाता है और बाकी दिन हम सब को बेरोजगारी की समस्या रहती है। इसके अलावा शासन के द्वारा स्वास्थ्य विभाग से संचालित योजना जैसे मीजल्स, रूबेला, इंद्रधनुष, शिशु सुरक्षा, विशेष टीकाकरण अभियान, पोलियो अभियान चलाया जाता है। जो कि इन योजनाओं में कार्यकर्ता पूरी जिम्मेदारी से काम करते हैं। हम इस काम को गर्मी,बरसात, ठंड में भी टीकाकरण को कार्य नियमित रूप से करते हुए सही समय पर वैक्सीन पहुंचाते हैं। पिछले 7 वर्षों से जो मानदेय मिलता रहा है वह सामान्य क्षेत्र में ₹75 व पहुंच विहीन क्षेत्र का ₹150 प्रति सत्र मिलता है। एक माह में 1000 से 3500 रुपये तक ही मिल पाता है। इस कार्य को हम निजी वाहन से करते हैं। जिसमें हमें पेट्रोलिंग वाहन, मरम्मत एवं पूरे परिवार का खर्च वहन करना पड़ता है। जो कि महंगाई में बहुत कम है। हम  निश्चिंत होकर  अपना जीवन यापन कर सके इसलिए एक निश्चित मासिक मानदेय दिए जाने की मांग संघ द्वारा की गई है। अब जब पेट्रोल का रेट 90 रुपये हो गया है तो फिर दिक्कत और बढ़ गई है। इसलिए पेट्रोल भत्ता बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर अब बाइक के बजाय साइकिल से ही अस्पतालों में वैक्सीन पहुंचाने का काम किया जाएगा।

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