बालोद। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रतिवर्ष 8 मार्च को पूरे विश्व में महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनके योगदान को स्मरण करने के लिए मनाया जाता है। यह दिवस नारी के संघर्ष, साहस, त्याग और उपलब्धियों का सम्मान करने का अवसर है। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद जिला सह मंत्री एवं सेन समाज जिला बालोद के मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने सभी महिलाओं को महिला दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास नारी शक्ति के साहस, ज्ञान और त्याग की प्रेरणादायक कहानियों से भरा हुआ है। प्राचीन भारतीय संस्कृति में नारी को उच्च स्थान दिया गया है। हमारे धर्मग्रंथों में कहा गया है—
“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता”,
अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है।
उन्होंने बताया कि वैदिक काल में महिलाओं को शिक्षा और ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार था। उस समय गार्गी वाचक्नवी और मैत्रेयी जैसी विदुषी महिलाओं ने ज्ञान और दर्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उमेश कुमार सेन ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के विरुद्ध वीरतापूर्वक युद्ध किया, सरोजिनी नायडू स्वतंत्रता आंदोलन की प्रमुख नेता रहीं तथा कस्तूरबा गांधी ने महात्मा गांधी के साथ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। इन वीरांगनाओं के साहस और त्याग ने पूरे देश को प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि समाज सुधार और महिला शिक्षा के क्षेत्र में सावित्रीबाई फुले का योगदान अविस्मरणीय है। उन्हें भारत की पहली महिला शिक्षिका माना जाता है, जिन्होंने बालिकाओं की शिक्षा और समाज सुधार के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया।
आधुनिक भारत में भी महिलाओं ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं। इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं, कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला बनीं तथा मैरी कॉम ने खेल जगत में भारत का गौरव बढ़ाया।
उमेश कुमार सेन ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं। समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब महिलाओं को समान अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान मिले।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण से ही परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति सुनिश्चित हो सकती है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें उन महान महिलाओं के योगदान को याद करने और आने वाली पीढ़ियों को सम्मान, समानता और नारी सशक्तिकरण का संदेश देने का अवसर प्रदान करता है।
