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वनांचल क्षेत्र के शासकीय विद्यालय किल्लेकोड़ा में धूमधाम से मनाया गया गणतंत्र दिवस

ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्रभक्ति के भावपूर्ण पल

बालोद। वनांचल क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला और शासकीय प्राथमिक शाला किल्लेकोडा के संयुक्त तत्वाधान में 77वें गणतंत्र दिवस का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह की शुरुआत प्रत्येक विद्यालय में ध्वजारोहण के साथ हुई। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में वाय. एस. मरकाम, वरिष्ठ व्याख्याता; शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में एन.आर. शिवना, प्रधान पाठक; और शासकीय प्राथमिक शाला में अनिता मेश्राम, प्रधान पाठक ने ध्वजारोहण किया।
इसके पश्चात छात्र-छात्राओं की टोली बैंड-बाजा की धुन में नारे और राष्ट्रगीत गाते हुए पंचायत भवन की ओर बढ़ी। वहां ध्वजारोहण सरपंच हेमलता विश्वकर्मा ने किया। स्वास्थ्य केंद्र में ध्वजारोहण दुर्गा यादव ने किया। टोली आगे बढ़ते हुए चौपाल चौक और गांधी चौक पहुंची, जहां गांधी जी की प्रतिमा का पूजन एवं ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद टोली पुनः विद्यालय लौटकर सभा में तब्दील हुई।
विद्यालय में आयोजित सभा में गीत, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रम का शानदार आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि सरपंच हेमलता विश्वकर्मा और अध्यक्षता वीरेंद्र कुलहार्य ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में निर्भय भंडारी (जनपद सदस्य), अधन सिन्हा, गुलाबबाई शर्मा, ललिता गांवरे, छगन धनकर, दिव्या भुआर्य, नरेंद्र विश्वकर्मा, चंद्रशेखर ताराम (उपसरपंच), वाय. एस. मरकाम (प्रभारी प्राचार्य), शिवना सर (प्रधान पाठक, माध्यमिक शाला) और अनिता मेश्राम (प्रधान पाठक, प्राथमिक शाला) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के तैल चित्र की पूजा-अर्चना से हुआ। अध्यक्षीय भाषण में वीरेंद्र कुलहार्य ने कहा कि शिक्षकगण कड़ी मेहनत से प्रतिवर्ष इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में पहली बार 12वीं कक्षा का शुभारंभ हुआ है, जो गौरव का विषय है। मुख्य अतिथि हेमलता विश्वकर्मा ने स्वतंत्रता संग्राम के महान सपूतों को नमन करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति और अनुशासन की सीख दी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रस्तुतियों में यशस्वी शर्मा, चंद्रमुखी, मीनाक्षी, उदिति, देविका अरुणा, लीजा, कशिश, दुर्गेश, कविता, वनिता, भारती, सुलोचना, प्राची, भुवनेश्वरी, निहारिका, नेहाल, ऐश्वर्या, माधुरी, शिवानी, साधना, तनु, निकिता, तुलसी, देवकी, दीक्षा, दिव्या, मोनिका, काजल, निधि, स्वाति, दामिनी और साथी शामिल थे। विशेष प्रस्तुति में ‘मां मुझे अपने आंचल में’, ‘पेड़ बचाओ पेड़ लगाओ’ और ‘करमा के ताल में झूमे सामूहिक नृत्य’ ने सभी का मन मोह लिया।
अंत में निर्भय भंडारी, अध्यक्ष शाला प्रबंधन समिति ने आभार प्रदर्शन किया और विद्यालय की उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। सभा का समापन प्रसाद वितरण के साथ किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता डॉ बीएल साहसी ने किया।

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