युवती से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 5 वर्ष का सश्रम कारावास, 2 हजार रुपये अर्थदंड

बालोद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) बालोद श्रीमान ताजुद्दीन आसिफ ने युवती से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। यह निर्णय 20 जनवरी 2026 को सुनाया गया।

प्रकरण के अनुसार आरोपी विष्णु प्रसाद ठाकुर, पिता छगनलाल ठाकुर, उम्र 24 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 05, 256 चौक राजहरा, थाना राजहरा, जिला बालोद के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक संजय कुमार श्रीवास्तव ने न्यायालय को अवगत कराया कि पीड़िता ने 10 दिसंबर 2024 को थाना राजहरा में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वर्ष 2022 में पावर लिफ्टिंग प्रैक्टिस के दौरान आरोपी और पीड़िता के बीच प्रेम संबंध स्थापित हुआ। आरोपी द्वारा विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए गए, बाद में शादी से इंकार कर पीड़िता की अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी गई।

समझौते के बाद आरोपी ने पीड़िता को लगभग छह माह तक किराए के मकान में साथ रखा। इसके पश्चात 8 अगस्त 2024 से 1 नवंबर 2024 तक राजहरा के अस्पताल सेक्टर स्थित बीएसपी के खाली क्वार्टर में आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान नशे की हालत में मारपीट एवं अश्लील गालियां देने का भी आरोप है। इन घटनाओं के चलते पीड़िता दो माह की गर्भवती हो गई।

पीड़िता की शिकायत पर थाना राजहरा में अपराध क्रमांक 340/2024 धारा 69, 296, 115(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की गई। विवेचना उपरांत 12 मार्च 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

न्यायालय ने प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण की संपूर्ण विवेचना निरीक्षक सुनील तिर्की द्वारा की गई।

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