बालोद। विज्ञान शिक्षिका श्रीमती संध्या सिंह के लघु कथा के साझा संकलन अनुवाद को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रदान किया गया है। इस लघु कथा संकलन का विमोचन रायपुर के वृंदावन हॉल में छत्तीसगढ़ के जाने-माने साहित्यकार श्री गिरीश पंकज भाषा विद एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री चितरंजन कर वरिष्ठ व्यंग्यकार एवं साहित्यकार महेंद्र ठाकुर, वरिष्ठ कवयित्री शशि सुरेंद्र दुबे, छत्तीसगढ़ गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड प्राप्त श्रीमती सोनम राजेश शर्मा, राजभाषा आयोग की सचिव डॉक्टर अभिलाषा बेहार एवं अलग-अलग क्षेत्रों से आए हुए युवा एवं वरिष्ठ साहित्यकारों की उपस्थिति में हुआ। इस लघु कथा का संपादन जानी-मानी साहित्यकारा, लेखिका एवं संस्थापिका साहित्य विधा डॉ सरोज दुबे, विद्या व सा संपादन साहित्यकारा लेखिका श्रीमती विजया ठाकुर, मीता अग्रवाल मधुर द्वारा किया गया। लघु कथा संकलन अनुनाद को लघु कथा शोध केंद्र समिति भोपाल के निदेशक श्रीकांत राय द्वारा शोध हेतु शामिल किया गया। इस लघु कथा संकलन अनुनाद में छत्तीसगढ़ एवं अलग-अलग अपराध की 75 लेखिकाओं की लघु कथा को पुस्तक का मूल रूप देकर डॉक्टर सरोज दुबे विद्या द्वारा संपादित किया गया है। शिक्षिका संध्या सिंह का यह 15वां साझा संकलन है। इसके पहले उनके कविताओं गजल, आलेख संस्मरण, कहानियां के साझा संकलन प्रकाशित हो चुके हैं। शिक्षिका को विज्ञान विषय के सरलीकरण अध्ययन के लिए अरविंदो सोसायटी द्वारा बालोद जिले से उत्कृष्ट शिक्षक के लिए भी पुरस्कृत किया गया है। इसके अलावा साहित्य में शिक्षिका को साहित्यिक पुरस्कारों से पुरस्कृत किया गया है।
शिक्षिका श्रीमती संध्यासिंह के लघु कथा संग्रह अनुवाद को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड प्रधान तथा भोपाल शोध केंद्र में शोध हेतु पाठ्यक्रम में शामिल
