मनरेगा को उसके मूल स्वरुप में वापस लाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी कांग्रेस



मनरेगा बचाओ संग्राम में कांग्रेसियों ने भरी हुंकार, दिया गया धरना

बालोद। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने निर्देशानुसार एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदेशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी बालोद द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया. धरना देने का मुख्य उद्देश्य मोदी सरकार द्वारा मनरेगा के नाम और मुल स्वरुप में बदलाव के खिलाफ आवाज़ बुलंद करना था. देशभर में चल रहे मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत प्रेस वार्ता के बाद विरोध का यह दूसरा कार्यक्रम था. जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा की कल से पंचायत स्तर से शुरू होकर यह अभियान 25 फरवरी तक राष्ट्रीय स्वरुप लेगा। जिसमे कांग्रेस श्रमिकों के साथ मिलकर उनका रोजगार का अधिकार वापस दिलाने और मनरेगा को उसके मूल स्वरुप में वापस लाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी. धरना को संबोधित करते हुआ संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने कहा की मोदी सरकार के इन बदलावों के तहत मजदूरी मनमाने ढंग से तय की जाएगी, न न्यूनतम मजूदरी की गारंटी रहेगी ना बढ़ोतरी की कोई गारंटी. फसल कटाई के मौसम में मनरेगा का काम बंद होने से ग्रामीण मजदूरों की अन्य कामो के बेहतर मजदूरी की मांग करने की ताकत मोदी सरकार ख़तम करना चाहती है. हम गाँव गाँव जा क्र मनरेगा के हितग्राहियों को जागरूक करने का काम करेंगे. डौंडीलोहारा विधायक श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा की CAG ऑडिट सहित 200 से अधिक अध्ययनों ने यह देखा गया है कि मनरेगा देश की सबसे प्रभावशाली और सफल योजनाओं में से एक है, मनरेगा में बदलाव से बेरोज़गारी में वृद्धि होगी, न्यूनतम मज़दूरी दिए बिना लोगों का श्रम के लिए शोषण होगा, शहरों की ओर मजबूरी में होने वाला पलायन बढेगा. मनरेगा बचाओ संग्राम की बालोद जिला समन्वयक श्रीमती सीमा वर्मा ने कहा कि कोविड -19 महामारी के दौरान, जब मोदी सरकार ने बिना किसी योजना के लॉकडाउन लागू कर दिया , उसके चलते लाखों प्रवासी मज़दूर घर लौटने को मजबूर हुए और काम से वंचित हो गए। ऐसे समय में मनरेगा ने 4.6 करोड़ परिवारों को रोज़गार दिया था, जिले में इस कार्यक्रम की सफलता के लिए और काम की गारंटी, मज़दूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी और मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी को लेकर हम प्रतिबद्ध है. कार्यक्रम को सोनादेवी देशलहरे ने भी संबोधित किया. धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से कृष्णा दुबे, संजय चंद्राकर, रामजीभाई पटेल, यज्ञदेव पटेल, संजय साहू, मिथलेश नुरुटी, भोलाराम देशमुख, कमलेश श्रीवास्तव, प्रेमचंद क्षीरसागर, नारायण साहू, भोजराज साहू, संतुराम पटेल, गोपाल प्रजापति, अनिल यादव, अंचल प्रकाश साहू, नुरुल्ला खान, मीना उमाशंकर साहू, वैभव पूजा साहू, प्रशांत बोकडे, सुचित्रा साहू, केदार देवांगन, दिनेश साहू, अमृता नेताम, कल्याणी चंद्राकर, पद्मनी साहू, कसिमुद्दीन कुरैशी, सतीश यादव, विनोद शर्मा, सुमीत शर्मा, रीता सोनी, किरण साहू, चमेली साहू,योगेश्वरी साहू, हरीश चंद्राकर, धीरज उपाध्याय, शम्भू साहू, दिनाराम चेलक, भूपेंद्र चंद्राकर, नरेन्द्र सिन्हा, गंगाराम साहू, गजेंद्र ठाकुर, अगर सिंह गंजीर, धर्मेन्द्र रामटेके, रोहित सागर, देवेन्द्र साहू, आदित्य दुबे, अजीत साहू, हरचरण कात्याल, कमल टुवानी, तुलाराम ठाकुर,राजेंद्र सोनकुटिया, जमील बक्श, गुलाम मोईनुद्दीन, दाउद खान, डामेश्वर देशमुख, सादिक अली, किशोर साहू, विमलेश साहू, राकेश उईके, जीतेन्द्र पटेल, ऐनु साहू, मुरलीधर भुआर्य सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए. कार्यक्रम का संचालन महामंत्री रत्तीराम कोसमा ने और आभार प्रदर्शन रवि प्रकाश यादव ने किया.

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