
बालोद। बालोद जिले के डाक टिकट संग्राहक डॉ प्रदीप जैन ने बताया कि भारत की सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी चेतना के प्रतीक गीत “वन्दे मातरम्” के 150 वर्षों के गौरवपूर्ण स्मरणोत्सव के अवसर पर भारत सरकार द्वारा एक विशेष 150 रुपये मूल्य का स्मारक सिक्का जारी किया गया है। यह सिक्का भारत सरकार की मुंबई टकसाल द्वारा निर्मित एवं जारी किया गया है, जो देश की समृद्ध ऐतिहासिक और भावनात्मक विरासत को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह विशेष सिक्का न केवल मुद्रा संग्रहकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि हर उस भारतीय के लिए गर्व का विषय है, जिसके हृदय में राष्ट्रप्रेम बसता है। सिक्के के माध्यम से “वन्दे मातरम्” जैसे अमर गीत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों भारतीयों में देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। “वन्दे मातरम्” की रचना महान साहित्यकार और राष्ट्रवादी चिंतक बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। यह गीत उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ और शीघ्र ही भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रेरणास्रोत बन गया। यह गीत मातृभूमि को देवी के रूप में नमन करता है और त्याग, साहस एवं एकता का संदेश देता है।

स्वतंत्रता के बाद, 24 जनवरी 1950 को “वन्दे मातरम्” को भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया। आज भी यह गीत राष्ट्रीय आयोजनों, शैक्षणिक संस्थानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उसी श्रद्धा और सम्मान के साथ गाया जाता है। 150 रुपये का यह स्मारक सिक्का “वन्दे मातरम्” के 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा और उसके राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित करता है। यह सिक्का आने वाली पीढ़ियों को देश के स्वतंत्रता संग्राम, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की भावना से जोड़ने का कार्य करेगा। यह पहल निश्चय ही भारत की समृद्ध विरासत, राष्ट्रगौरव और सांस्कृतिक चेतना को सहेजने की दिशा में एक स्मरणीय कदम है।मुंबई टक़साल से जारी यह आकर्षक सिक्का बालोद के वरिष्ठ संग्राहक डॉ प्रदीप जैन को प्राप्त हुआ है ।
