
अर्जुन्दा:– उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथिद्वय श्री कुंवर सिंह निषाद विधायक गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र, श्री मुनीलाल निषाद (पिता– शहीद दुर्वासा निषाद) विशिष्ट अतिथिगण के रूप में श्रीमती बोधिनी बाई (माता– शहीद दुर्वासा निषाद) डॉ. परदेशीराम वर्मा वरिष्ठ साहित्यकार, बद्री प्रसाद पारकर वरिष्ठ साहित्यकार, श्री पवन कुमार अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद छत्तीसगढ़ संस्थापक, श्री वी.के. सिंह छत्तीसगढ़ आर्मी वेलफेयर फाउंडेशन, श्रीमती कुसुम देशमुख जी सरपंच देवरी (ख), भूपेश्वरी निषाद (भाभी– शहीद दुर्वासा निषाद) श्रीमती पारकर, श्रीमती राम प्यारी मंडावी , रामाधार टेंबुरकर , योगेश्वर प्रसाद , सरपंच खुरसुनी, सुनीता निषाद , एन. के.पांडे पूर्व सैनिक, अश्वनी कुमार पूर्व सैनिक, श्री हरप्रीत सिंह अध्यक्ष आर्मी फाउंडेशन दुर्ग जिला, श्री एन. के. राठी जी एवं डॉ. सोमाली गुप्ता प्राचार्य शहीद दुर्वासा निषाद शासकीय महाविद्यालय अर्जुंदा उपस्थित रहे। मां सरस्वती, छत्तीसगढ़ महतारी एवं शहीद सैनिक के चित्र में माल्यार्पण पाश्चात छत्तीसगढ़ राजगीत गायन किया गया।

तत्पश्चात शहीद दुर्वासा निषाद जी की प्रतिमा अनावरण एवं शहीद उद्यान का उद्घघाटन अतिथियों द्वारा किया गया। उद्बोधन की कड़ी में मुख्य अतिथि कुँवर सिंह निषाद ने कहा कि ” शहीद का सम्मान गर्व का विषय होता है।” शहीद दुर्वासा निषाद आज भी हमारे दिल में बसे है। उन्होंने मैथिलीशरण गुप्त एवं अन्य कवियों की रचना के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति जागृत किए। मुनिलाल निषाद ने कहा कि सैनिक देश सेवा के ही फौज में जाते है। मुझे गर्व है कि मैं शहीद दुर्वासा निषाद का पिता हूं। शहीद प्रतिमा का स्थापना से युवाओं को देशभक्ति के लिए प्रेरणा मिलेगा। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशी राम वर्मा ने कहा कि “अभिमान को जीत लेना संतोष का काम है।” आत्म बलिदान विलक्षण लोगों की पहचान होता है। वरिष्ठ साहित्यकार श्री बद्रीप्रसाद पारकर ने युवाओं से आह्वान किया। “आप जिस देश में जन्म लिए हो बलिदान उसी पर हो जाए। प्राचार्य डॉ. सोमाली गुप्ता जी ने कहा कि “आज का दिन श्रद्धा और विनम्रता का दिन है।” सैनिक किसी भी जाति, धर्म, एवं, राजनीति से नहीं होता उनका सिर्फ देश होता है। उन्होंने आगे कहा कि हम चैन से इसलिए सो पाते है क्योंकि देश के सीमा पर हमारे सैनिक दिन रात पहरा देते है। देश भक्ति गीत के क्रम में सूरज कुमार बी. कॉम तृतीय वर्ष ने देश भक्ति गीत से सबके मन में देश प्रेम जगाया। दिव्या एवं साथी, रीतू एवं साथी एवं गीताजंली एवं साथी द्वारा देश भक्ति गीत में प्रस्तुती दिए। उक्त कार्यक्रम में समस्त प्राध्यापकगण, कार्यालय कर्मचारीगण एवं महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन डॉ. दीपिका (आई. क्यू. ए. सी. प्रभारी) एवं मंच संचालन डॉ. प्रीति ध्रुवे विभागाध्यक्ष प्राणिशास्त्र, डॉ. प्रदीप कुमार प्रजापति विभागाध्यक्ष हिंदी ने किया।
विधायक ने याद किया अपना छात्र जीवन

विधायक ने छात्र-छात्राओं को सदैव संघर्ष के लिए तैयार रहने व अपने लक्ष्य को हर स्थिति में हासिल करने की प्रेरणा दी, शहीदों के बलिदान को याद करते हुए सदैव अपने अंदर सेवा व राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत रखने के लिए विद्यार्थियों को आह्वान किया । अपने उद्बोधन के दौरान माननीय विधायक ने अपने छात्र जीवन को बताते हुए महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए किए गए तत्कालीन राजधानी भोपाल तक किए गए संघर्ष को बताया कि किस प्रकार आन्दोलन के माध्यम से भवन निर्माण के लिए संघर्ष कर महाविद्यालय भवन निर्माण कराया था। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मुन्नीलाल निषाद शहीद दुर्वासा निषाद के पिताजी, प्रवीण कुमार डोबले जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, परदेसी राम वर्मा वरिष्ठ साहित्यकार, बद्री प्रसाद पारकर सहित प्राचार्य एवं समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहे।
