एनएसएस शिविर का पंचम दिवस: बौद्धिक परिचर्चा में युवाओं को मिली प्रेरणा



डौंडी लोहारा नेमन साहू- ग्राम नाहंदा में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, शासकीय महाविद्यालय खेरथा द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पंचम दिवस पर आयोजित बौद्धिक परिचर्चा ग्राम नाहंदा में सार्थक और प्रेरणादायी रही। इस कार्यक्रम में जनभागीदारी समिति अध्यक्ष, जेवरतला किशोरी साहू तथा भारतीय जनता पार्टी मंडल उपाध्यक्ष, देवरीबांगला उत्तम साहू विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्वयंसेवकों ने अतिथियों का स्वागत कर परिचर्चा की शुरुआत की। मुख्य अतिथि उत्तम साहू ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सेवा योजना के मूल उद्देश्यों—सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी—पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिविर में सीखी गई प्रत्येक गतिविधि जैसे टीम वर्क, समय प्रबंधन, स्वच्छता, जागरूकता अभियान और ग्रामीण सहभागिता केवल सात दिनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जीवनभर इन मूल्यों को अपनाना ही सच्चे एनएसएस स्वयंसेवक की पहचान है। उन्होंने उपस्थित युवाओं को प्रेरित किया कि वे शिविर से प्राप्त अनुभवों को व्यवहार में उतारकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएँ। अध्यक्ष किशोरी साहू ने स्वयंसेवकों को अनुशासन, संयम और सादगी की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने छात्र जीवन में समय का सही उपयोग, नियमितता और लक्ष्य के प्रति समर्पण की आवश्यकता बताते हुए कहा कि अनुशासन ही व्यक्ति को सही दिशा देता है। उन्होंने युवाओं को शाकाहार अपनाने, नशा और गलत आदतों से दूर रहने तथा मिल-जुलकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। बौद्धिक परिचर्चा के दौरान स्वयंसेवकों ने भी अपनी जिज्ञासाएँ रखीं और अतिथियों के विचारों से लाभान्वित हुए। कार्यक्रम का संचालन कु. योगेश्वरी भुआर्य ने किया। पंचम दिवस की यह परिचर्चा स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा, जागरूकता और नैतिक उन्नयन का समृद्ध अवसर सिद्ध हुई।

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