बालोद। बीते दिनों अंधत्व निवारण कार्यक्रम अंतर्गत जिला कार्यालय स्वास्थ्य विभाग (NHM) बालोद में कार्यरत कर्मचारी श्री धनेश कुमार साहू का हृदयघात से निधन हो गया। अवगत कराना चाहेंगे कि वह एक संविदा कर्मचारी था, जो वर्ष 2014 से संविदा में ही कार्यरत था। जिसमें आज मृतक को अनुग्रह राशि के नाम पर सिर्फ 50000 रुपए मिलेगा, मगर उनके परिवार का क्या जो सिर्फ इनके मेहनताना से घर का भरण पोषण चल रहा था। इनके घर में इनके नौकरी के आश्रय में बूढ़े माता, पिता, पत्नी, दो नन्हे बालिकाएं का गुजर बसर कर रहीं थीं। बता दें कि श्री धनेश जी को विगत 3 महीनों से वेतन भी नहीं मिला था। साथ ही साथ सरकार द्वारा आश्वासन पश्चात मिलने वाला 27% का 5% जो पिछले जुलाई 2023 से मिलना था आज तक नहीं मिला। अगर आज यह वेतन और बोनस की राशि समय पर मिल जाता तो हो सकता था कोई कर्मचारी असामयिक मौत के मुंह में नहीं जाता। अब सोचने वाली बात यह कि अब उसके 12 वर्षों के सेवा का प्रतिफल उसके परिवार को किस तरह से मिलेगा क्योंकि अनुकम्पा का प्रावधान अभी तक बना ही नहीं, पेंशन मिलना ही नहीं है, और अन्य प्रकार से किसी प्रकार की राशि भी नहीं मिलनी है। आज सिर्फ धनेश साहू जी इस दुनिया से नहीं गए हैं इस प्रकार कितने ही परिवार है जो एक बेहतर भविष्य को संजोए हुए शासकीय कार्यों में अपना अभूतपूर्व योगदान दे रहे हैं, मगर उनके बारे में सोचने वाला कोई है ही नहीं।
यह भी अवगत करा दें कि श्री धनेश साहू जी की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी इस वजह से उन पर व्यक्तिगत लोन बैंक से तथा अन्य जगहों से भी कर्ज था जो इस संविदा रूपी दंश का एक कारण है। संविदा कर्मियों का सरकार से यही गुहार है कि इस संविदा रूपी नौकरी में विशेष परिवर्तन कर नया पॉलिसी बनाते हुए तत्काल उनके घर के किसी आश्रित को अनुकम्पा अनुदान सहित एक बेहतर भविष्य देने की कृपा करें।
बड़ी विडंबना है साहब…संविदा कर्मचारी का हुआ हृदयघात से निधन, नहीं मिल सकता किसी को परिवार में अनुकंपा नियुक्ति, 3 महीने से वेतन तक भी नहीं हुआ था नसीब
