ठेमाबुजुर्ग में ठेकेदार दिखा रहे जल जीवन मिशन में गुणवत्ता को ठेंगा! पानी टंकी पूरी बनी नहीं और अभी से होने लगा सीपेज



ग्रामीणों का आरोप :शिकायत करते हैं तो ठेकेदार देते हैं धमकी, 9 महीने में बन जाना था, पर डेढ़ साल बाद भी है नहीं बना

गोरेलाल सोनी, डौंडी । जल जीवन मिशन के अंतर्गत लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए भारत सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन दूसरी ओर ठेकेदार और पीएचसी विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ के चलते यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। ऐसा ही एक मामला ठेमाबुजुर्ग गांव में सामने आया है। जहां पेयजल के लिए पानी टंकी का निर्माण किया जा रहा है जो बरसात के दिनों में पानी भरने के बाद सिपेज भी हो रहा है। जिससे इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में यह टंकी पूरी तरह बन भी जाए तब भी लोगों की प्यास बुझाने में सक्षम नहीं होगी। क्योंकि ठेकेदार ने ना तो टंकी का निर्माण ठीक से किया है और ना ही पाइपलाइन बिछाने में गुणवत्ता का ध्यान रखा है। इसकी जानकारी पीएचई विभाग के अफसरों को होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे साफ पता चलता है कि इन सब के बीच सरकारी राशि का बंदरबांट हो रहा है ।

अगर ऐसा ही चलता रहा तो यह योजना मात्र दिखावा बनकर ही रह जाएगा और लोग प्यासे ही रहेंगे। जल जीवन मिशन कार्य के नाम कार्यों को या तो अधिकारी धूल खिला रहे है या इसे जानबूझकर अमलीजामा पहनाना नहीं जाया जा रहा है। बालोद जिले के एक मात्र आदिवासी बनचांल क्षेत्र डौंडी ब्लाक अंतर्गत ठेमाबुजुर्ग ग्राम में बना पानी टंकी में ठेकेदार की तूती बोलती है। ठेकेदार मनमानी करते हुए सरपंच सहित ग्रामीणों को धमकाता रहता है कि मेरा कलेक्टर से शिकायत कर कर लो, कुछ नहीं होने वाला है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल टंकी निर्माण 29/6/2022 को कार्यादेश जारी करने की तिथि और कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि 9 माह थी। डेढ़ साल बाद भी टंकी में जगह- जगह से रिसाव होकर पानी बहता रहता है। उनकी आवाज को ठेकेदार धमकाकर दबा दे रहा है। ऐसे में ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर कहां जाए? क्योंकि विभाग के अफसर भी उनकी बात नहीं सुनते। ग्रामीणों के अनुसार पानी टंकी से 200 घरों तक पाइप लाइन पहुंचना था वह भी 9 माह तक टूटी हालत में है। पानी टंकी से पानी ऐसे टपकता है जैसा फौव्वारा निकल रहा है। गांव में आधे पाइप लाइन भी नहीं बिछा है। जहां बिछा है वहां अमानक स्तर का है। इस तरह से गांव में नल जल योजना केवल भ्रष्टाचार की चारागाह बन गया है। अधिकारी व ठेकेदार अपनी जेबे भर रहे है और ग्रामीण पानी के लिए टकटकी लगाए है। अगर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए तो पोल खुल जाएगी। इस संबंध में पीएचई विभाग के एसडीओ नितिन ठाकुर से बात करने पर कहा गया कि मोटर लाइन का कार्य चार माह से चालू है, कंपलीट होते होते ही पानी टंकी सुचारु रूप से शुरू किया जाएगा।

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