परसदा में हुआ परिक्षेत्रीय साहू समाज कर्मा जयंती का आयोजन, अतिथियों ने समाज में धर्मांतरण और विघटन को लेकर जताया आक्रोश

बालोद। बालोद ब्लॉक के ग्राम परसदा (जगन्नाथपुर) में परिक्षेत्र साहू समाज कोहंगाटोला द्वारा परिक्षेत्र स्तरीय कर्मा जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसके मुख्य अतिथि साहू संघ बालोद के जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र साहू थे। अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में तहसील अध्यक्ष मदन साहू, जिला पंचायत सदस्य पूजा वैभव साहू, जनपद सदस्य दमयंती सुभाष हरदेल, प्रेम साहू, सरपंच राजू लाल आर्य, जयंत साहू, रश्मि साहू, जुंगेरा भाजपा मंडल अध्यक्ष अरुण साहू, पूर्व सरपंच दूरपति गंगबेर, तिलोचन साहू, असीमे साहू, भूपेश्वरी साहू सहित अन्य मौजूद रहे। इसके अलावा विशेष अतिथियों में परिक्षेत्रीय उपाध्यक्ष नरेंद्र साहू, महिला उपाध्यक्ष उर्मिला साहू, सचिव पीलू राम साहू, संयोजक न्याय घुराउ राम साहू, सहसचिव ताराचंद साहू, सलाहकार इराधो साहू, प्रचार सचिव सावित्री साहू, सह प्रचार सचिव इंद्राणी साहू, कोहंगाटोला परिक्षेत्रीय अध्यक्ष छगन साहू, माटी कला युवा संगठन से समाज सेवी वैभव साहू सहित अन्य मौजूद रहे। आयोजन में अतिथियों ने समाज में हो रहे धर्मांतरण और विघटन को लेकर चिंता के साथ-साथ आक्रोश भी जताया।
समाज से अलग हो रहे लोगों की मुख्य अतिथि ने की तीखी आलोचना, कहा: गुच्छे से अलग होने वालों की कोई औकात नहीं होती

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जितेंद्र साहू ने समाज में हो रहे विघटन को लेकर चिंता जाहिर करने के साथ-साथ आक्रोश जताते हुए कहा कि कुछ लोग बोलते हैं कि कर्मा जयंती मनाने से क्या मिलता है, आयोजन में नहीं जाएंगे तो क्या होगा? मैं पूछता हूं क्या समाज में हम कोई व्यापार कर रहे हैं जो समाज के कार्यक्रम में आए और जाए और क्या मिलता है शब्द का इस्तेमाल करें। समाज में अगर आपको सामाजिकता सीखनी है तो आप एक कौवे से सीखे। पितर पक्ष जब चलता है तो हम पितरों को तर्पण करते हैं तो एक कौआ आकर अन्य कौवों को भी आवाज देकर बुलाता है। किसी कौवा को एक टुकड़ा मिलता है तो किसी को कुछ भी नहीं मिल पाता। फिर भी वह दूसरों को बुलाने का काम करता है। कोई भी कौवा यह नहीं कहता कि मैं अगर गया था तो मुझे कुछ नहीं मिला। इसलिए मेरा निवेदन है कि आपके समाज के बुलावे पर क्या मिलता है, क्या नहीं मिलता यह विषय नहीं है, अगर आपके समाज ने बुलाया तो आपको समाज के बुलावे पर जाना चाहिए। कुछ लोग तो समाज को चैलेंज करते हैं कि अगर वह साहू समाज में नहीं रहेंगे तो क्या उखड़ जाएगा। हम समाज में नहीं रहेंगे तो क्या होगा? ऐसे चैलेंज करने वालों को उन्होंने अंगूर का उदाहरण देकर कहा कि एक दुकान में मैं अंगूर लेने गया था वहां तीन प्रकार के अंगूर थे। एक का कीमत 100 रुपए, दूसरे के 80 और एक का 30 रुपए। मैंने दुकानदार से कहा अंगूर तो सब एक ही दिखते हैं a तो कीमत में अंतर क्यों है? उन्होंने अंतर बताते हुए कहा कि 100 वाला मीठा है, 80 वाला थोड़ा खट्टा है, लेकिन जो साबुत दाने हैं जो छटनी वाले थे, जो गुच्छे से अलग हो गए थे उसका 30 रुपए है। आप यही से कल्पना कीजिए जो अंगूर गुच्छों से बाहर हो गया वह 30 रुपए में बिक रहा है। आप समाज से बाहर होंगे तो आपकी औकात क्या होगी यह आपको समझना होगा! आप वही इंसान रहेंगे लेकिन समाज छोड़कर जाएंगे तो आपको कोई कुत्ता पूछने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि हो सकता है मेरी बातें कड़वी हो लेकिन समाज को बिखरता देते हैं तो हमें पीड़ा होती है। नई पीढ़ियों में हमने देखा है कि उनमें भाव की कमी हो रही है। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जब सीता हरण के बाद जब हनुमान लंका जाते हैं, सीता से मिलते हैं। उसके बाद वे पेड़ों को उखाड़ कर फेंकने लगते हैं। वे जितने फल खाते हैं उससे कहीं ज्यादा पेड़ उखाड़कर फेंक देते हैं । इस पर रावण नाराज होते हैं और उन्हें बंदी बना लेते हैं। कहते हैं कि फल तो खाया ठीक है लेकिन पेड़ों को नुकसान क्यों पहुंचाया। तब हनुमान ने जवाब दिया कि सीता भूमि से उत्पन्न हुई है भूमजा है ऐसे में भूमि से उत्पन्न होने वाले पेड़ पौधे सीता के भाई है। जब सीता हरण हुआ तो पेड़ रूपी उसके भाई भी सीता की रक्षा नहीं कर सके और सीना ताने खड़े हैं तो यह उनका हक नहीं है। इसलिए मैंने उन पेड़ों को उठा उठा कर फेंक दिया। इसी तरह समाज का क्षरण हो जाए तो साहू समाज को सीना तान खड़ा होने का अधिकार नहीं है। मुख्य अतिथि जितेंद्र साहू ने कहा आजकल जो व्हाट्सएप फेसबुक सोशल मीडिया के जरिए शादी हो रही है,इस पर मैं कहता हूं ऐसी बेटियों को जिस पिता ने तुम्हारे लिए महंगी जूती लेकर अपना फटा हुआ चप्पल, बनियान नहीं बदला लेकिन तुम्हारी हर ख्वाहिशें पूरी की पूरा जीवन जिन्होंने तुम्हारे लिए पसीना बहाया है तो वह तुम जितना अच्छा वर सोच सकते हो उससे भी अच्छा वर तुम्हारे पिता तुम्हारे लिए सोच सकते हैं और वह अपने लिए भी तुमसे भी अच्छी बहु चाहेंगे। इसलिए मैं युवाओं से अपील करता हूं अगर युवा समाज से दूर हुए तो उन्हें समाज का आशीर्वाद मिलने वाला नहीं है। समाज के नियमों से शादी करेंगे तो समाज का आशीर्वाद मिलता है। तब जाकर हमारा वैवाहिक जीवन पूर्ण होता है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने धर्मांतरण को लेकर जताई चिंता

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने कहा कि आज धर्मांतरण की बहुत शिकायत आ रही है। साहू समाज को एकजुट होकर रहना होगा। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण सबसे बुराई के रूप में सामने आ रही है। हमारे समाज में कुछ लोग धर्मांतरण में लगे हैं। साहू समाज में ही सबसे ज्यादा यह शिकायत आ रही। इस खेल को हमें रोकना होगा। निश्चित जी यह हमारे लिए चिंता का विषय है और इस विसंगति को दूर करने के लिए एकजुट होना होगा। हमें सजग होकर रहना होगा। आज साहू समाज में कोई समस्या आती है तो सब एकजुट होते हैं। इस तरह हमें धर्मांतरण के खिलाफ भी एकजुट होना होगा। भक्त माता कर्मा की जीवनी से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करनी चाहिए। अपने समाज के प्रति भक्ति बनाए रखें।
साहू समाज हो रहा है अब सक्षम, सड़क को लेकर पूजा साहू ने कहा: समस्या दूर नहीं हुई तो धरने पर बैठेंगी

विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे जिला पंचायत सदस्य पूजा वैभव साहू ने कहा कि परसदा के साहू समाज के लोगों ने स्वयं से मिलकर जो भवन बनाए हैं यह एक विशेष मिसाल है, जो साबित करता है कि साहू समाज सक्षम और शक्तिशाली है। उन्हें किसी से सहयोग की आवश्यकता नहीं है। वे खुद सक्षम है यह आपने साबित किया है। आप लोगों ने काफी सुंदर भवन बनाया है। इसके लिए मैं साहू समाज को बहुत ही धन्यवाद देना चाहती हूं। ऐसे ही हर समाज को जागरूक होने की जरूरत है। ताकि हर कोई नया पहल कर समाज को नया आयाम दे सके। ऐसे आयोजन से हमें एकजुट होने का अवसर मिलता है। इससे समाज का संगठन नजर आता है। उन्होंने कहा कि इस गांव में कुछ दिन पहले आई थी। मैंने देखा कि पानी की बहुत समस्या है हमने अपनी ओर से जितना हो सके उसके लिए प्रयास किया। ऊपर भी हमने बात रखी है। जितने भी सुविधा आपको मिलनी चाहिए उसके लिए हम प्रयास करते रहें। इसके अलावा उन्होंने पानी के अधिक दोहन को लेकर चिंता जारी करते हुए कहा कि वाटर लेवल डाउन होने के पीछे धान की खेती एक प्रमुख कारण है। अभी गर्मी पूरी तरीके से शुरू नहीं है और पानी की समस्या है। इसके लिए हमें विचार करना होगा कि हमें गर्मी में कौन सी फसल लेनी है। आप सब समझदार और जागरूक है ताकि आने वाले पीढ़ी को पानी की समस्या ना हो। इसके लिए हमें खेती-बाड़ी से लेकर और भी तरीकों से जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रयास करना होगा। उन्होंने घरों में सोखता गड्ढा बनाने की अपील की। गर्मी के दिनों में दलहन तिलहन फसलों को लेने की अपील की। साहू समाज को भी इस दिशा में चिंतन करने की अपील उन्होंने की। आयोजन के दौरान माटी युवा कल्याण संगठन द्वारा स्वास्थ्य सुविधा लगाया गया था। उसके लिए भी संस्था और नरसिंह अस्पताल प्रबंधन को धन्यवाद व्यापित किया। जिससे साहू समाज सहित अन्य समाज के लोगों को भी लाभान्वित होने का अवसर मिला। इसके अलावा उन्होंने ग्राम वासियों द्वारा सड़क की समस्या को लेकर कहा कि आने वाले बारिश में स्थिति और बद्तर हो सकती है। सड़क का बुरा हाल देखकर मुझे भी आने जाने पर परेशानी होती है। इस समस्या से अवगत हूं। मैंने इस बात से विधायक को भी अवगत कराया है। विधायक ने भी कहा है कि इस पर जल्द से जल्द काम करने के लिए प्रयास कर रहे। परसदा से पापरा और दरबारी नवागांव दोनों ही सड़क को लेकर हम प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अगर इसके लिए जरूरत पड़े त धरना प्रदर्शन भी करने वाले हैं। उन्होंने ग्रामीणों से भी इस आंदोलन में सहयोग की अपेक्षा की। कहा कि अगर शासन प्रशासन से सहयोग नहीं मिला तो हम सब मिलकर धरना प्रदर्शन में बैठेंगे।
जनपद सदस्य ने कहा: पेयजल समस्या दूर करने के लिए कर रहे लगातार प्रयास

जनपद सदस्य दमयंती सुभाष हरदेल ने भी गांव में पेयजल की समस्या को लेकर कहा कि जितना संभव हो इस समस्या के निराकरण के लिए प्रयास कर रहे हैं। एक बोर की सफाई स्वयं के खर्चे पर करवाने और हैंडपंप व्यवस्था सुधार की बात उन्होंने कही। इसके अलावा उन्होंने भक्त माता कर्मा की जीवनी के संबंध में भी अपनी बातें रखी। इस दौरान प्रमुख रूप से परिक्षेत्रीय पदाधिकारियों में ओमप्रकाश, हरखराम, गंगाराम, गोपीराम, तुलाराम, रैन सिंह, सोमन लाल, बेनीराम, रामपाल, भोपसिंह, दसरुराम, सेवाराम, कृष्णा, मानदेव, ग्रामीण अध्यक्ष रोहित साहू, कुशल, नवरेंद्र, युवराज, जगदेव, नारायण, मनोज, मोहन, राम भाऊ, भूपेश, फूलचंद, मोहन साहू आदि मौजूद रहे।
Leave a Comment