DAILY BALOD NEWS

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समाजसेवी राजेश सिन्हा की एक और पहल: गांव के स्कूल में बनवाया सुगम सड़क, लगवाया झूला और फिसल पट्टी, दीपावली पर हुआ लोकार्पण, गांव के विशेष लोगों का भी हुआ सम्मान समारोह

बालोद । ग्राम सिर्राभांठा के रहने वाले समाजसेवी राजेश सिन्हा अपने नित नए समाज सेवा के कार्यों से जिले में चर्चा में रहते हैं । इस क्रम में उन्होंने विगत दिवस अपने गांव के प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए सुगम सड़क, झूला फिसल पट्टी की सौगात भी दी है। जिसका लोकार्पण किया गया। स्वर्गीय डीहारी लाल सिन्हा एवं स्वर्गीय शिवनंदन सिन्हा के सानिध्य में राजेश कुमार सिन्हा, रानी सिन्हा, खिलावन सिन्हा (शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष) और धनेश्वरी सिन्हा द्वारा उक्त निर्माण कार्य करवाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ना पंच , ना सरपंच, ना जनपद सदस्य, अध्यक्ष ना विधायक और ना ही सांसद, बस हमारे लिए तो समाजसेवी राजेश सिन्हा ही काफी है जो लगातार गांव की समस्या को दूर करने के लिए स्वयं से आगे आते हैं वे और उनका परिवार गांव के हित में लगातार कार्य कर रहे हैं। संकुल केंद्र हल्दी के शासकीय प्राथमिक शाला सिर्राभांठा में अब समाजसेवी राजेश सिन्हा द्वारा दो झूला छात्रों के लिए समर्पित किया गया है। इस सुविधा की जानकारी मिलने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी नवीन यादव ने भी उनके प्रति आभार जताया तो प्रधान पाठक दिनेश यादव ने भी समाजसेवी राजेश सिन्हा और उनके भाई खिलावन सिन्हा के बारे में कहा कि जब से वे विद्यालय से जुड़े हैं उन्होंने यहां के लिए सीसी रोड सहित अन्य कार्यों में अपना योगदान दिया है।

प्रतिभाशाली बच्चों का हुआ सम्मान

इस दौरान गांव में रात्रि में स्कूल में झूला के लोकार्पण के साथ लक्ष्मी कला मंच के पास सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया था। जिसमें मुख्य अतिथि सरपंच दानीराम सिन्हा (ग्राम पंचायत मटिया ह) थे। तो वही विशेष अतिथि के रूप में वरिष्ठ नागरिक यादराम सिन्हा टीआर क्रांत प्रशासनिक अधिकारी एल आई सी, द्वारकानाथ क्रांत रजिस्ट्रार, समाजसेवी राजेश कुमार सिन्हा , पत्रकार दीपक यादव , रूपचंद जैन आदि मौजूद रहे। अतिथियों ने भी समाजसेवी राजेश सिन्हा के कार्यों की सराहना की। इस आयोजन के दौरान सेवानिवृत कर्मचारियों और सेना के जवानों को भी श्रीफल साल प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया। साथ ही 10वीं 12वीं में प्रथम द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों का भी सम्मान कर हौसला बढ़ाया गया। रात्रि में गांव के बच्चों के द्वारा रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति भी हुई। मंच संचालन अमृतानंद सिन्हा ने किया।

इन लोगों का हुआ विशेष सम्मान

  1. श्रीमती दामन साहू

कार्यक्रम के दौरान सीआईएसफ में पदस्थ रहकर 23 वर्षों तक सेवा देने वाली महिला दामन साहू विशेष रूप से सम्मानित हुई। उनके बारे में बताया गया कि उनका जन्म कन्हैया राम साहू के यहां ग्राम गुरुर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में 6 जून 1978 को हुआ। 12वीं तक गुरुर में पढ़ाई के बाद घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालोद से स्नातक बीएससी बायोलॉजी की शिक्षा प्राप्त कर 21 अप्रैल 2008 को उनका विवाह लीलाराम साहू के साथ हुआ। भारतीय थल सेवा में सर्वप्रथम सीआईएसएफ के पद पर सन 2008 में प्रथम नियुक्ति हैदराबाद में हुआ। इसके बाद वे नासिक (महाराष्ट्र), ताजमहल (आगरा) दिल्ली मेट्रो, एनटीपीसी सीपत बिलासपुर छत्तीसगढ़, थर्ड रिजर्व बटालियन भिलाई उतई छत्तीसगढ़, मुंबई एयरपोर्ट महाराष्ट्र में स्थानांतरित होकर सेवा प्रदान करती रही। तत्पश्चात जनवरी 2023 में वे सेवानिवृत्त हुई । इस प्रकार उन्होंने भारतीय थल सेना में सीआईएसएफ के पद पर लगभग 23 साल तक सेवा दी।

  1. शिक्षक चंद्रशेखर सिन्हा

आयोजन में शिक्षक चंद्रशेखर सिन्हा भी सम्मानित हुए। जो पहले भारतीय थल सेवा में आर्मी के पद पर लगभग 11 वर्षों तक सेवा दे चुके थे। सेवानिवृत्ति के उपरांत 22 सितंबर 2023 में शिक्षक के रूप में पदस्थ होकर अब कोंडागांव जिले में अपनी सेवा शिक्षक के रूप में दे रहे हैं। उनके बारे में बताया गया कि भारतीय थल सेना में सर्वप्रथम आर्मी के पद पर 19 मार्च 2009 को अहमदाबाद में पदस्थ हुए यहां 19 मार्च 2009 से 24 जुलाई 2010 तक सेवा देने के बाद 2010 से 2011 तक जम्मू में स्थानांतरित हुए। इसके बाद 2012 से 2015 तक गुरदासपुर पंजाब में रहे। 2015 से 2019 तक पठानकोट में रहे। फिर 2019 से 2020 तक भटिंडा पंजाब में सेवा देने के बाद सेवा निवृत्त हुए।

3.हैंड पंप मेकेनिक श्रवण कुमार सिन्हा

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में हैंडपंप मैकेनिक के पद पर 1 जनवरी 1985 को बालोद में पदस्थ हुए ।1998 में बालोद से कवर्धा स्थानांतरित हुए। उनका पुनः स्थानांतरण 1 जनवरी 2001 को बालोद के मुख्यालय करहीभदर में हुआ। मार्च 2023 से रिटायर हुए। इस तरह उन्होंने 38 वर्ष तक सेवा दी।

  1. प्रधान पाठक लालाराम साहू
    उन्होंने 37 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवा दी। इसके पहले वे नगर सैनिक भी रह चुके । प्रधान पाठक लालाराम साहू जन सेवा के उद्देश्य लेकर 1984 से जून 1986 तक नगर सैनिक का कार्य किया। जिसके बाद शासकीय सेवा में सहायक शिक्षक के रूप में 11 जुलाई 1986 में शासकीय प्राथमिक शाला हरदी नवागढ़ जिला बेमेतरा में नियुक्त हुए। स्थानांतरण पश्चात 16 जुलाई 1993 को प्राथमिक शाला लासाटोला अर्जुंदा में पदस्थ हुए। फिर 17 जुलाई 1996 को प्राथमिक शाला चिचबोड़ में हुआ। इसके पश्चात उनकी पदोन्नति प्राथमिक शाला मटिया में प्रधान पाठक के रूप में हुई। 1 वर्ष 7 माह में उनकी पुनः पदोन्नति उच्च शिक्षक के रूप में 12 नवंबर 2011 को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पसौद में हुआ। 24 अप्रैल 2023 तक 11 वर्ष सेवा प्रदान करने के बाद उनकी प्रधानपाठक के पद पर पूर्व प्राथमिक शाला जोरातराई में हुई। इस प्रकार उन्होंने लगभग 37 वर्षों तक सेवा प्रदान की। अपने शिक्षण कार्य के साथ-साथ लगभग 20 वर्ष तक संकुल शैक्षिक समन्वयक के दायित्व का भी निर्वहन उन्होंने किया।

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