DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

कनेरी मिडिल स्कूल में मनाया गया गुरु पूर्णिमा

गुरुर। शास पूर्व माध्य शाला कनेरी में शनिवार को बैगलेस डे पर उत्साह व भक्ति के साथ गुरू और शिष्य के पवित्रता के प्रतीक गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के चरण कमल में पूजन वंदन कर किया गया। मुख्य अतिथि के रूप उपस्थित हीरा लाल यादव वरिष्ठ समाजसेवी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा हमारे गुरुओं के नि:स्वार्थ मार्गदर्शन और ज्ञान का सम्मान करने का एक पवित्र अवसर है. हम उनके अटूट समर्थन और प्रेरणा के लिए आभारी हैं।
सरपंच दिनेश्वरी सिन्हा ने कहा गुरू गोविन्द दोऊ खड़े काके लागु पांय, बलिहारी गुरू आपने गोविन्द दियो बताय।अर्थात यदि भगवान और गुरु दोनों सामने खड़े हो तो गुरु के चरण पहले छूना चाहिये क्योंकि उसने ही ईश्वर का बोध करवाया है। गुरु का स्थान भगवान से भी ऊंचा है।
एसएमसी अध्यक्ष जयंती सिन्हा ने गुरु का आशीर्वाद सबके लिए कल्याणकारी व ज्ञानवर्धक बताया। सेवानिवृत्त प्रधान पाठक शाला के शिक्षाविद श्री डोमार सिंह साहू ने “गुरु बिना ज्ञान कहां” लोकोक्ति के माध्यम से बताया बिना गुरु के आप किसी भी लक्ष्य को प्राप्त आसानी से नहीं कर सकते गुरुओं का उचित मार्गदर्शन जरूरी होता है। आपके जीवन में गुरु माता-पिता से लेकर संघर्ष भी एक गुरु के समान है।


प्रभारी प्रधान पाठक श्री नंद कुमार निषाद ने विद्यार्थियों से मुखातिब होते हुए कहा कि आपके गुरूओं की शिक्षा ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करें। शाला के शिक्षक चलेश कुमार साहू, इंद्राणी साहू ने कहा कि गुरु वे हैं जो मानव जाति के आध्यात्मिक अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाते हैं और उसे आध्यात्मिक अनुभूतियां और ज्ञान प्रदान करते हैं। संकुल शैक्षिक समन्वयक कृष्ण कुमार साहू ने उत्सव का उद्देश्य गुरुओं द्वारा प्रदान की गई कालजयी शिक्षा और मूल्यों को जीवन में आत्मसात और हमारे जीवन पर उनके गहरे प्रभाव को स्वीकार करना बतलाया । बाल संसद के मंत्रियों द्वारा सभी अतिथियों एवं शिक्षकों को श्रीफल, पेन एवं पौधा भेंट कर सम्मान किया गया एवं सर्वश्रेष्ठ पुष्प गुच्छ बनाने वाले विद्यार्थियों का विद्यालय के द्वारा सम्मान किया गया। इस अवसर पर शाला के प्रधानमंत्री मोनिषा यादव स्वंय सेवी शिक्षक नारायणी पटेल, विभा पटेल,सभी विद्यार्थियों का योगदान सराहनीय रहा संचालन देवेन्द्र कुमार साहू एवं आभार भागवत प्रसाद ठाकुर ने किया।

You cannot copy content of this page