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शासकीय उच्चतर माध्यमिक भंडेरा में समर कैंप के तहत कराया गया आयुर्वेदिक औषधालय का भ्रमण

डौंडीलोहारा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भंडेरा, ब्लॉक डौंडीलोहारा के कक्षा नवमी, दसवीं के छात्र-छात्राओं द्वारा शासकीय आयुर्वेद औषधालय ग्राम भंडेरा में आयुर्वेदिक जड़ी बूटी का अध्ययन किया गया। फार्मिस्ट आयुर्वेद श्री दिलीप सिंह गौर द्वारा बच्चो को जानकारी प्रदान की गई ।

उन्होंने अपने आसपास उपस्थित पौधे जिनका उपयोग करके अपने जीवन में उसका उपयोग कैसे करें यह बताया गया। उन्होंने बताया बुखार, सर्दी ,खांसी ,चर्मरोग ,पीलिया हड्डी ,नेत्र ,आमाशय इत्यादि के लिए किस प्रकार का और कौन-कौन सी जड़ी बूटी का उपयोग करना चाहिए।

अपने औषधालय में उगे हुए जड़ी बूटी का परिचय उपयोग करना बताया। रक्त व्याघ्र एरंड, धृत कुमारी, कमिला ,हरजोड़ ,पीला वासा, पुदीना, नीम,अनार ,आमला, पपीता ,अशोक वृक्ष, हल्दी ,अडूसा ,चांदनी, सदाबहार निर्गुंडी दुग्धी दुग्धी पारिजात गिलोय ,केला ,भुई ,आंवला, धतूरा, गुड़हल, फूडहड़, अंब्रेला ,थूहा, गोखरू,ऑक्सी प्लांट, भृंगराज,पिपली,लेमनग्रास,

शहतूत,कनेर,करंज आदि के ऐसे पौधे हैं जिनकी छाल,पत्ती, बीज,तने, फूल और उनके रस का उपयोग करना कितना लाभदायक होता है यह बताया गया। इस औषधालय में 40 से भी अधिक पौधे और अनेक प्रकार के ऑक्सीडेंट पौधे भी हैं ।पौधे की देखरेख भली भांति यहां की जाती है। औषधालय में योगा श्रीमती विनेश्वरी धनकर द्वारा योग के नियमित करने के लाभ,उसे कैरियर बनाया जा सकता है जानकारी प्रदान की गई। श्रीमती कैशरीन बेग,व्याख्याता ने बताया बच्चों को भंडेरा के औषधालय में भ्रमण कराने का उद्देश्य ,आयुर्वेद विज्ञान को कैसे कैरियर बनाया जा सकता है तथा बच्चों के आसपास के वातावरण में उपस्थित, पेड़ पौधो का उपयोग करना ,आयुर्वेद से जोड़ना, प्रकृति में स्वतः ही उत्पन्न,पेड़ पौधों की पहचान करना, जो भी पौधे हैं उपयोग करना जानते नहीं है पहचान करना ,बताया गया।इस दौरान अमित कुमार साहू, कुमकुम, लुकेश्वरी, नेहा गांवरे, प्रतिमा,युगेश्वरी, लीना,काजल, वेदिका, देवश्री, हेमप्रिया दुर्गेश्वरी, लीलाक्षी ,पायल ,हर्ष कुमार दीपेश,दामिनी उपस्थित रहे ।

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